World Health Day: तंबाकू की लत में फंस चुकी है 28 फीसदी व्‍यस्‍क आबादी, केंद्र सरकार से कड़े कानून बनाने की उठी मांग

नई दिल्ली. देश में तंबाकू (Tobacco) की लत में करीब 28 फीसदी व्‍यस्‍क आबादी फंसी हुई. इतना ही नहीं 13 से 15 साल की उम्र के बच्‍चों को भी इस लत में फंसाने के ल‍िए कई अलग-अलग हथकंडे अपनाएं जा रहे हैं. इसकी लत का श‍िकार बन चुके लोगों को बाहर लाने और उनकी जान बचाने के ल‍िए तंबाकू उत्‍पादों (Tobacco products) पर जल्‍द ही कोई बड़ा सख्‍त कदम उठाने की जरूरत है.

प्रख्यात अर्थशास्त्री और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल का कहना है क‍ि आंकड़ों की माने तो हर साल 13 लाख भारतीय नागर‍िक इसकी लत का श‍िकार होते हैं. इनकी जान बचाने के लिए तंबाकू-उत्पादों पर जल्दी से जल्दी सख्ती बढ़ाए जाने की जरूरत है.

उन्‍होंने यह भी कहा है कि ऐसे हानिकारक उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने से ना सिर्फ लोक कल्याण योजनाओं के लिए धन मिलेगा, बल्कि इन उत्पादों का सेवन कम होने से इनका उपयोग करने वालों को भी फायदेमंद साबित होगा. साथ ही जो गरीब और आदिवासी इससे जुड़े कारोबार में लगे हैं और शोषण का शिकार हो रहे हैं उनके कल्याण और वैकल्पिक रोजगार के लिए भी उसका उपयोग किया जा सकता है.

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गुरुवार को विश्व स्वास्थ्य दिवस (World Health Day) के मौके पर तंबाकू से होने वाली मौतों की रोकथाम पर आयोजित परिचर्चा में भाग लेते हुए विभिन्न स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी जोर दिया है कि केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित तंबाकू-रोधी कानून कॉटपा में प्रस्तावित संशोधनों को जल्द से जल्द पारित कर लागू किया जाए. कार्यक्रम में एम्स नई दिल्ली की प्रोफेसर और रूमेटोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. उमा कुमार, एचसीजी बैंगलूरू के कंट्री डायरेक्टर हेड एंड नेक सर्जिकल आंकोलॉजी डॉ. विशाल राव सहित कई एक्सपर्ट ने अपनी बातें रखीं.

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि अभी तंबाकू उत्पादों के कारोबार में जुटे किसानों और मजदूरों का जम कर शोषण हो रहा है. इनके स्वास्थ्य पर भी बहुत गंभीर असर पड़ रहा है. ऐसे में इन उत्पादों पर अलग से सेस लगा कर उससे हासिल रकम को वैकल्पिक रोजगार मुहैया करवाने और स्वास्थ्य सेवा मुहैया करवाने के अलावा तंबाकू मुक्ति केंद्र शुरू करने में लगाया जाए.

अग्रवाल ने कहा कि तंबाकू जैसे लत पैदा करने वाले उत्पादों के मामले में सिर्फ लोगों में जागरुकता काफी नहीं, बल्कि ऐसे मामलों में मूल्य का बड़ा प्रभाव होता है. अर्थशास्त्र के सिद्धांत के मुताबिक अगर टैक्स के माध्यम से इनकी कीमत बढ़ाई जाए तो उसका फायदा इनका उपयोग घटाने में मिलेगा जिससे उन लोगों का भी फायदा होगा जो इनका सेवन करते हैं. उन्होंने कहा कि तंबाकू उत्पादों पर मौजूदा टैक्स काफी नहीं हैं.

पीएम मोदी ने द‍िया देश को स्‍वस्‍थ्‍य भारत का संकल्‍प
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने देश को स्वस्थ्य भारत का संकल्प दिया है और इसे पूरा करने में इलाज के साथ ही बचाव के उपाय भी बहुत जरूरी हैं. देश की 28 फीसदी वयस्क आबादी तंबाकू की लत में फंसी हुई है. साथ ही 13 से 15 वर्ष के छात्रों को आकर्षित करने के लिए भी कई तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं. इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने तंबाकू-रोधी कानूनों को और सख्त बनाने का फैसला किया है.

एम्स नई दिल्ली की प्रोफेसर डॉ. उमा कुमार ने कहा कि तंबाकू के सेवन से शरीर के सभी प्रमुख अंग गंभीर रूप से प्रभावित होते हैं. दिल और सांस संबंधी बीमारियों और कैंसर के अलावा दांत और हड्डी जैसे बहुत सख्त अंग भी गंभीर रूप से प्रभावित होते हैं.

तंबाकू उत्पादों की वजह से अस्पताल में भर्ती हो रहा युवा वर्ग
एचसीजी, बेंगलूरू के डॉ. विशाल राव ने कहा कि मुंह के कैंसर के भारत में तेजी से बढ़ते मामलों की वजह तंबाकू उत्पाद ही हैं. युवा वर्ग को जहां देश की प्रगति में भागीदार होना चाहिए वह तंबाकू उत्पादों की वजह से अस्पताल में भर्ती हो रहा है जो बहुत दुख की बात है. कार्यक्रम का आयोजन टोबैको फ्री इंडिया ने किया था.

Tags: Health News, World No Tobacco Day

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