Uttarakhand: पेपर लीक मामले के बाद अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के चेयरमैन एस राजू ने दिया इस्तीफा


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स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में पेपर लीक मामले के बाद आज उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग(यूकेएसएसएससी) के अध्यक्ष एस राजू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पेपर लीक मामले में धांधली को लेकर नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिया है। वे 2016 से चेयरमैन के पद पर तैनात थे। सितंबर में उनका कार्यकाल समाप्त होने वाला था। 

एस राजू ने कहा कि उनके कार्यकाल में आयोग ने अब तक 88 परीक्षा कराई हैं। जिसमें से दो में गड़बड़ी सामने आई। पहले फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा में धांधली सामने आई थी। तब भी आयोग ने जांच बैठाई थी। अब स्नातक स्तरीय परीक्षा में धांधली सामने आई तो भी आयोग ने मामले को छिपाने के बजाय स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला सरकार के समक्ष लाया है। उन्होंने कहा कि मुझे अफसोस है कि कुछ लोग तरह-तरह की बातें बना रहे हैं और आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। 

ये है पूरा मामला

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने स्नातक स्तरीय परीक्षा गत वर्ष दिसंबर में कराई थी। इसके बाद से ही लगातार इसमें धांधली की बात सामने आ रही थी। बीती 22 जुलाई को मुख्यमंत्री के निर्देश पर रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। तब इसकी जांच एसटीएफ को सौंपी गई। इसके बाद से ही एसटीएफ कड़ियां जोड़कर पूरे मामले की जांच में जुटी है।

टेलीग्राम एप पर किया था पेपर लीक

परीक्षा का पेपर लीक करने वाले को भी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। यह भी आयोग की आउटसोर्स कंपनी आरएमएस सॉल्यूशन का कर्मचारी था। इसकी जिम्मेदारी पेपर छपने के बाद सील करने की थी, लेकिन शातिर ने तीनों पालियों के एक-एक सेट को टेलीग्राम एप के माध्यम से अपने साथियों को भेज दिया। इस काम के लिए उसे 36 लाख रुपये मिले थे।

अब तक 13 लोग हो चुके गिरफ्तार

इस मामले में अब तक 13 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। कई और लोग भी राडार पर हैं। एक-दूसरे से तार जुड़ रहे हैं। सभी लोग एक-दूसरे के संपर्क में थे। मामले की विवेचना जारी है। जल्द ही कुछ और खुलासे किए जा सकते हैं।

विस्तार

स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में पेपर लीक मामले के बाद आज उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग(यूकेएसएसएससी) के अध्यक्ष एस राजू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पेपर लीक मामले में धांधली को लेकर नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिया है। वे 2016 से चेयरमैन के पद पर तैनात थे। सितंबर में उनका कार्यकाल समाप्त होने वाला था। 

एस राजू ने कहा कि उनके कार्यकाल में आयोग ने अब तक 88 परीक्षा कराई हैं। जिसमें से दो में गड़बड़ी सामने आई। पहले फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा में धांधली सामने आई थी। तब भी आयोग ने जांच बैठाई थी। अब स्नातक स्तरीय परीक्षा में धांधली सामने आई तो भी आयोग ने मामले को छिपाने के बजाय स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला सरकार के समक्ष लाया है। उन्होंने कहा कि मुझे अफसोस है कि कुछ लोग तरह-तरह की बातें बना रहे हैं और आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। 

ये है पूरा मामला

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने स्नातक स्तरीय परीक्षा गत वर्ष दिसंबर में कराई थी। इसके बाद से ही लगातार इसमें धांधली की बात सामने आ रही थी। बीती 22 जुलाई को मुख्यमंत्री के निर्देश पर रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। तब इसकी जांच एसटीएफ को सौंपी गई। इसके बाद से ही एसटीएफ कड़ियां जोड़कर पूरे मामले की जांच में जुटी है।

टेलीग्राम एप पर किया था पेपर लीक

परीक्षा का पेपर लीक करने वाले को भी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। यह भी आयोग की आउटसोर्स कंपनी आरएमएस सॉल्यूशन का कर्मचारी था। इसकी जिम्मेदारी पेपर छपने के बाद सील करने की थी, लेकिन शातिर ने तीनों पालियों के एक-एक सेट को टेलीग्राम एप के माध्यम से अपने साथियों को भेज दिया। इस काम के लिए उसे 36 लाख रुपये मिले थे।

अब तक 13 लोग हो चुके गिरफ्तार

इस मामले में अब तक 13 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। कई और लोग भी राडार पर हैं। एक-दूसरे से तार जुड़ रहे हैं। सभी लोग एक-दूसरे के संपर्क में थे। मामले की विवेचना जारी है। जल्द ही कुछ और खुलासे किए जा सकते हैं।



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