Sunday Special Story: 77 साल पहले दूसरे विश्व युद्ध की जीत पर ताजमहल को रोशन कर मनाया गया था जश्न

आजादी के अमृत महोत्सव में पूरे देश के ऐतिहासिक स्थलों और स्मारकों को पांच अगस्त की रात से तिरंगा रोशनी से सजाया गया है, लेकिन इसमें ताजमहल शामिल नहीं है। हालांकि इस तरह जश्न मनाने और फ्लड लाइटिंग से स्मारकों को रोशन करने की शुरुआत ही ताजमहल से की गई थी। 77 साल पहले द्वितीय विश्व युद्ध में जीतने पर मित्र देशों की सेनाओं ने ताजमहल को रात में न केवल फ्लड लाइट से रोशन किया, बल्कि अंदर जश्न भी मनाया था। ताजमहल देश का पहला स्मारक था, जिस पर रात में रोशनी की गई थी।

 8 मई, 1945 को मित्र देशों की सेनाओं के सामने जर्मनी की सेना ने आत्मसमर्पण किया था। उस दिन को मित्र देशों ने वीई डे के नाम से मनाया। यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना हर साल वीई डे मनाती है। 77 साल पहले विक्ट्री इन यूरोप डे (वीई डे) के बाद जीत के जश्न को मनाने के लिए मित्र देशों की सेनाओं ने ताजमहल में जश्न मनाया था। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के उत्तरी क्षेत्र के अधीक्षण पुरातत्वविद् रहे एमएम वत्स ने अपनी रिपोर्ट में वीई डे पर ताजमहल के दूधिया रोशनी में जगमगाने का फोटो प्रकाशित किया था।

चार साल तक आगरा में रही थी मित्र देशों की एयरफोर्स

वरिष्ठ पत्रकार राजीव सक्सेना के मुताबिक दूसरे विश्व युद्ध में 1942 से 1946 के दौरान मित्र देशों की एयरफोर्स आगरा में रही थी। उनके ऑपरेशन खेरिया एयरपोर्ट से हुए थे। टाटा ने 1937-39 के बीच हवाई पट्टी बनाई थी, जिस पर थ्री डी एयर डिपो ग्रुप बनाया गया था। 10 वीं एयरफोर्स के रूप में मित्र देशों की सेना 10 मार्च, 1942 को यहां आई थी और छह अप्रैल, 1946 तक रही थी। अपने एंबलम में उन्होंने ताजमहल को जगह दी थी।

कीड़ों के कारण अब नहीं किया गया रोशन

एएसआई के रिटायर्ड अधिकारी डॉ. आरके दीक्षित के मुताबिक अब कीड़ों के कारण ताजमहल पर लाइटिंग नहीं की जाती। यूनानी संगीतकार यान्नी के 20 से 24 मार्च, 1997 को हुए शो के दौरान ताज के पार्श्व में लाइटिंग की गई थी। 

यान्नी के शो के दूसरे दिन सुबह ताज पर कीड़ों की भरमार मिली, जिसके बाद रसायन शाखा ने अपनी रिपोर्ट में ताजमहल पर लाइटिंग न करने की सिफारिश की थी। इसमें कहा गया था कि संगमरमरी सतह पर कीड़े गंदगी छोड़ते हैं। इससे नुकसान हो सकता है। तब से ताज पर लाइटिंग पर रोक लगी हुई है।

अब आजादी के अमृत महोत्सव में आगरा के स्मारकों पर तिरंगामय लाइट की अद्भुत छटा बिखर रही है। आगरा किला, फतेहपुर सीकरी, एत्माद्दौला और सिकंदरा स्मारक को तिरंगे के रंग में रोशन किया गया है। शाम होते ही ये स्मारक जगमगा उठते हैं। ताजमहल सुरक्षा कारण से इस महोत्सव में शामिल नहीं किया गया है।

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