Russia – Ukraine War: nयूक्रेन में युद्ध और भी लंबा खिच सकता है: अमेरिका का दावा

 यह बता पाना वाकई मुश्किल है कि ये युद्ध कब तक चलेगा. 

वाशिंगटन:

रूस यूक्रेन युद्ध  (Russia- Ukraine War) के और भी लंबा चलने के कयास लगाये जा रहे है. पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने गुरुवार को कहा कि रूस अपने कुछ बलों को यूक्रेन की राजधानी कीव के आसपास पूर्वी डोनबास क्षेत्र में भेजने के लिए तैनात कर सकता है जहां यूक्रेनी सेनाएं उग्र प्रतिरोध कर रही हैं.  पेंटागन प्रवक्ता जॉन किर्बी ने यह भी कहा कि रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने 82वें एयरबोर्न डिवीजन के तत्वों को भूमध्य सागर में एक एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के साथ फिलहाल यूरोप में रखने का फैसला किया है.  

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किर्बी ने कहा कि रूस ने शहर पर कब्जा करने में विफल रहने के बाद कीव के आसपास से अपने सैनिकों की एक “छोटी संख्या” – शायद 20 प्रतिशत – को स्थानांतरित कर दिया है, जो कि रूसी हवाई हमलों से लक्षित है. उन्होंने कहा, “यह बिल्कुल स्पष्ट नहीं है कि यूक्रेन में पहुंचे रूसी सैनिको का क्या उद्देश्य है और वो कितने समय के लिये यूक्रेन की जमीन पर है. लेकिन हमें उनके घर भेजे जाने का कोई संकेत नही नजर आ रहा. पेंटागन के प्रवक्ता ने कहा है कि सैनिकों को बेलारूस में पुनर्स्थापित किया जा रहा है. ताकि उन्हें फिर से लड़ाई के लिये भेजा जा सके और यूक्रेन में कहीं और इस्तेमाल किया जा सके.” उन्होंने कहा कि रूस ने कहा है कि वह डोनबास क्षेत्र में अपने संचालन को “प्राथमिकता” देने की योजना बना रहा है.

रूस के एक वरिष्ठ सैन्य नेता सर्गेई रुडस्कोई ने पिछले सप्ताह कहा था कि यूक्रेन में सैन्य अभियान का पहला चरण समाप्त हो गया है और सैनिक अब “मुख्य लक्ष्य – डोनबास की मुक्ति” पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जो पहले से ही आंशिक रूप से रूसी परदे के पीछे है. किर्बी ने उल्लेख किया कि डोनबास क्षेत्र आठ वर्षों से लड़ा गया है और यूक्रेनी सशस्त्र बल इस क्षेत्र में “बहुत सक्रिय” हैं. “यह कुछ समय के लिए खींच सकता है,” उन्होंने कहा. “यह अब केवल दिनों और हफ्तों की बात नहीं है ये युद्ध उससे बहुत अधिक हो चल सकता  है. यह बता पाना वाकई मुश्किल है कि ये युद्ध कब तक चलेगा. 

किर्बी ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका को भी संकेत मिले हैं कि कुछ रूसी बलों ने दुर्घटनाग्रस्त चेरनोबिल परमाणु संयंत्र के आसपास के क्षेत्र को खाली कर दिया है. उन्होंने कहा, “यह जरूरी नहीं कि स्वास्थ्य खतरों या किसी प्रकार के आपातकाल या चेरनोबिल में संकट के कारण ये कदम उठाय गया हो. 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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