Pakistan News: इमरान खान के पास सरकार बचाने के क्या हैं विकल्प? जानिए पूरा गणित

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Imran Khan

Highlights

  • इमरान खान की ही पार्टी के कई सांसद बागी हो गए हैं इस वजह से उनकी कुर्सी संकट में है
  • अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले ही इमरान खान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं
  • अविश्वास प्रस्ताव पर 31 मार्च को होगी बहस

Pakistan Imran Khan News: पाकिस्तान में इमरान खान सरकार अविश्वास प्रस्ताव के पहले ही मुश्किलों में फंसती नजर आ रही है। पाकिस्तान की करीब 4 साल पुरानी इमरान खान की सरकार की विदाई लगभग तय हो गई है। प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जा चुका है, इस पर 31 मार्च को शाम 4 बजे से बहस होगी और इसके बाद वोटिंग होगी। अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले इमरान खान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब बड़ा सवाल ये है कि वोटिंग से पहले आखिर इमरान खान के पास सरकार बचान के क्या विकल्प हैं?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के सदस्यों को अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से दूरी बनाने की हिदायत दी है। कहा जा रहा है कि इमरान को अपनी पार्टी के सदस्यों पर ही भरोसा नहीं है कि वे उनके पक्ष में वोट करेंगे। वहीं अगर पीएम इमरान खान विश्वास मत में जरूरी समर्थन हासिल नहीं कर पाते हैं तो सबसे बड़ी पार्टी पीएमएल-एन विपक्षी नेता शहबाज शरीफ के नेतृत्व में सरकार बना सकती है। माना जा रहा है कि अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के समय इमरान खान कुछ बड़ा गेम कर सकते हैं। इमरान नहीं चाहते कि उनकी पार्टी के सदस्य वोटिंग में शामिल हों, क्योंकि वोटिंग के दौरान बगावत करने वालों की संख्या 24 से बढ़कर 40 तक हो सकती है, जिसका फायदा उन्हें मिल सकता है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पड़ोसी देश पाकिस्तान में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच वहां के वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर का कहना है कि इमरान खान ने आधिकारिक लेटर भले ही 29 मार्च को जारी किया है। मीर ने बताया कि इमरान की पार्टी के 8 सदस्य ऐसे हैं, जो खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। माना जा रहा है कि करीब 24 सदस्य विपक्ष के साथ हैं, जबकि विपक्ष को सिर्फ 10 सदस्यों की ही जरूरत है। PTI के सदस्य इस भरोसे पर इमरान का खुलकर विरोध कर रहे हैं कि आने वाले चुनाव में  विपक्षी पार्टी उन्हें टिकट देगी। 

इमरान सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रो हर्ष वी पंत का कहना है कि इमरान खान अपनी सरकार को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। सरकार सुप्रीम कोर्ट से व्‍याख्‍या मांग सकती है। सुप्रीम कोर्ट व्याख्या की मांग करेंगे कि पार्टी के सदस्य के वोट की स्थिति क्या होगी जो संगठन की नीति की अवहेलना करता है और कथित खरीद-फरोख्त में शामिल है। पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 63 (ए) के अनुसार किसी सांसद को दलबदल के आधार पर अयोग्य घोषित किया जा सकता है यदि वह संसदीय दल की ओर से जारी किसी निर्देश का उल्‍लंघन करते हुए सदन में मतदान करने से परहेज करता है।

अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले सहयोगी दल MQM-P ने छोड़ा साथ

अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले ही इमरान खान के गठबंधन के सबसे बड़े साथी मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान (MQM-P) ने उनका साथ छोड़ दिया है और इसके बाद उनकी पार्टी PTI बहुमत के आंकड़े 172 से नीचे चली गई है। एमक्यूएम ने विपक्षी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के साथ जाने का फैसला किया है।

जानिए क्या कहता है पाकिस्तान का संविधान?

अगर पीएम इमरान खान प्रस्ताव पेश किए जाने से पहले सदन को भंग करने और नए सिरे से चुनाव कराने की सिफारिश करते हैं, तो ना तो सरकार का नेतृत्व किया जा सकता है और ना ही तीसरा व्यक्ति इसका नेतृत्व कर सकेगा। मामला इसलिए और भी पेचीदा है क्योंकि पाकिस्तान का संविधान अविश्वास प्रस्ताव पेश होने के बाद प्रधानमंत्री को संसद भंग करने और दोबारा चुनाव करवाने का अधिकार नहीं देता है। 

पाकिस्तान संसद को समझिए

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में 342 सदस्य होते हैं। इसका मतलब है कि सरकार में बने रहने के लिए इमरान खान को 172 सीटें चाहिए होगी। पीटीआई के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास 179 सदस्यों का समर्थन था लेकिन अब, एमक्यूएम-पी के पार्टी छोड़ने के बाद, पीटीआई के पास 164 सदस्य ही रह गए हैं। वहीं संयुक्त विपक्ष के पास अब नेशनल असेंबली में समर्थकों की संख्या 177 हो गई है। बता दें कि, इमरान खान की पार्टी 2018 में सत्ता में आई थी और पाकिस्तान में अगला आम चुनाव अक्टूबर 2023 में होना है।

पाकिस्तान में सरकार और विपक्ष का गणित समझिए

इमरान सरकार को पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कायद (PML-Q) के 4, ग्रैंड डेमोक्रेटिक अलायंस के 3 और आवामी मुस्लिम लीग पाकिस्तान के 1 और बलूचिस्तान आवामी पार्टी (BAP) के 1 सांसद का समर्थन प्राप्त है। ये कुल नंबर बनता है 164 जो कि बहुमत से 8 सीट दूर है। वहीं पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज PML(N) 84 सीटों के साथ सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है। इसके बाद पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के 56 सदस्य हैं। इन 140 सीटों के अतिरिक्त विपक्षी दलों को 37 और सासंदों का समर्थन हासिल है। माने विपक्षी दलों के पास बहुमत से अधिक सीटें हैं। जियो न्यूज की एक रिपोर्ट बताती है कि 177 सांसदों के साथ विपक्ष के पास अब संसद में अधिक नंबर है और विपक्ष को अब असंतुष्ट PTI सांसदों के समर्थन की जरूरत नहीं रह गई है। दूसरी ओर इमरान सरकार के पास सिर्फ 164 सांसदों का समर्थन रह गया है। 

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