Ola ई-स्कूटर ने रिवर्स गियर में पकड़ी 50Km/h की रफ्तार, राइडर का सिर फटा 11 टांके लगे: हाथ भी टूटा

Electric Scooter Fire: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (Electric Two Wheeler) में आग लगने का सिलसिला जारी है। नया मामला तेलंगाना का है। यहां पर गुरुग्राम बेस्ड बेनलिंग इंडिया (Benling India) के इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी चार्जिंग के दौरान फट गई। एक अन्य मामला ओला S1 प्रो से जुड़ा है। हालांकि, इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने या फटने का मामला नहीं है, बल्कि इसके रिवर्स गियर में गड़बड़ी की वजह से हादसा हो गया। इस हादसे में 65 वर्षीय बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गया। चलिए इन दोनों मामले के बारे में आपको विस्तार से बताते हैं। सबसे पहले जानिए बेनलिंग इंडिया के इलेक्ट्रिक स्कूटर में ब्लास्ट का मामला।

चार्जिंग के दौरान बेनलिंग इंडिया ई-स्कूटर की बैटरी फटी

ये घटना तेलंगाना के करीमनगर जिले के एक गांव की है। स्थानीय पुलिस के अनुसार, एगुर्ला ओदेलु (Egurla Odelu) नाम के व्यक्ति ने बेनलिंग इंडिया का फाल्कॉन (Falcon) इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदा था। उन्होंने 8 मई की रात को सोने से पहले बैटरी को चार्ज पर लगा दिया। कुछ मिनटों की चार्जिंग के बाद भी स्कूटर की बैटरी में ब्लास्ट हो गया। हालांकि, घटना के दौरान कोई इसके आसपास नहीं था जिस वजह कोई घायल नहीं हुआ। ब्लास्ट के बाद इलेक्ट्रिक स्कूटर का कुछ हिस्सा जल गया।

बैटरी से जुड़ी कई प्रॉब्लम सामने आईं

एक महीने के भीतर होने के बाद जांच के आदेश दिए थे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जांच में तीन कंपनियों से जुड़ी आग की घटनाओं की जांच की गई है। शुरूआती जांच में पता चला है कि पिछले एक महीने में हुई कई इलेक्ट्रिक स्कूटर आग दुर्घटनाओं के पीछे प्रमुख कारण खराब बैटरी थी। आग लगने वाले इन स्कूटरों का प्रोडेक्शन ज्यादातर ओला इलेक्ट्रिक, प्योर ईवी और ओकिनावा द्वारा किया गया था। रिपोर्ट में यह भी बात सामने आई है कि ओला के मामले में, बैटरी सेल के साथ-साथ बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम में भी समस्या थी। ओकिनावा के मामले में सेल और बैटरी मॉड्यूल में समस्या थी और प्योर ईवी में बैटरी केसिंग की समस्या थी।

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ओला ई-स्कूटर का रिवर्स मोड बना ‘जानलेवा’

इलेक्ट्रिक स्कूटर की वजह से हादसा होने की नई तरह की घटना सामने आई है। ओला S1 प्रो के रिवर्स गियर में खराबी की वजह से 65 साल के बुजुर्ग बुरी तरह घायल हो गए। ये घटना जबलपुर की है। Linkedin पर पल्लव माहेश्वरी नाम के व्यक्ति ने बताया कि उनके पिता ओला S1 प्रो स्कूटर पार्क कर रहे थे। इस दौरान स्कूटर ने रिवर्स मोड में 50Km/h से ज्यादा की स्पीड पकड़ ली। गड़बड़ी की वजह से उनका सिर दीवार पर टकरा गया। उनके सिर में 10 टांके आए हैं और उनका बायां हाथ टूट गया। पल्लव ने इसके लिए ओला के सॉफ्टवेयर को जिम्मेदार ठहराया है।

एक्सपर्ट ने बताई EV की बैटरी में ब्लास्ट होने की वजह

लाइव हिन्दुस्तान ने ईवी की बैटरी आग लगने वाली घटनाओं को लेकर यूट्यूबर ऑटो एक्सपर्ट अमित खरे (आस्क कारगुरु) से बात की। उन्होंने इलेक्ट्रिक व्हीकल में इस्तेमाल होने वाली बैटरी में आग लगने या फटने की 5 वजह बताईं। साथ ही, इससे कैसे बचा जाए इसे लेकर जरूरी टिप्स भी दिए।

1. प्लास्टिक कैबिनेट का पिघलना: ईवी में इस्तेमाल होने वाली सभी बैटरी प्लास्टिक कैबिनेट के साथ आ रही हैं। ऐसे में जब ये गर्म होती हैं तब प्लास्टिक का पिघला देती हैं। साथ ही इसमें लगे हुए सर्किट भी पिघलने लगते हैं। इससे आग लगने का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। बैटरी भले ही पूरी तरह पैक होती हैं, लेकिन इसके बाद भी इसमें हीट का डिस्चार्ज होती है। जब बैटरी गर्म होती है तब ये हीट का डिस्चार्ज तेजी से बढ़ने लगता है।

2. हीट सिंक का कम होना: ज्यादातर बैटरी लिथियम ऑयन बेस्ड होती हैं। लिथियम ऑयन से हीट ज्यादा निकलती है। ऐसे में इसके लिए शैल के ऊपर का कवर ज्यादा मजबूत होना चाहिए। इसमें हीट सिंक का इस्तेमाल किया जाना चाहिए, लेकिन अभी बैटरी ऑपरेटर्स इसका इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। इसका बड़ा कारण बैटरी का स्वेपैबल होना भी है। इन बैटरी को एक जगह से दूसरी जगह पर लेकर जाया जाता है। ऐसे में यदि बैटरी में हीट सिंक को बढ़ाया जाता है तब उसका वजन भी बढ़ जाएगा। इसके चलते इसे उठाने में थोड़ी प्रॉब्लम आ सकती है। यही वजह है कि इसे जानबूझकर हल्का रखा गया है।

3. करंट से शॉर्ट सर्किट: चार्जिंग स्टेशन के दौरान जिन गाड़ियों में आग लग रही है उसका सबसे बड़ा कारण शॉर्ट सर्किट का होना है। ये करंट इतना हैवी होता है कि अगर बैटरी का जॉइंट टाइट नहीं होते हैं तो उसमें शॉर्ट सर्किट की संभावना बढ़ जाती है। टू-व्हीलर में 7kw तक का चार्जर इस्तेमाल किया जाता है। ये घर में इस्तेमाल होने वाले एयर कंडीशनर से लगभग 5 से 7 गुना तक ज्यादा करंट वाला होता है। तो कई बार इतना पावरफुल चार्जर की वजह से बैटरी में शॉर्ट सर्किट का खतरा बन जाता है। इतना ज्यादा करंट को संभालने के लिए हमारे टेक्नीशियन अभी तैयार नहीं है।

4. टेम्परेचर से बैटरी का गर्म होना: देश में इन दिनों तापमान तेजी से बढ़ रहा है। इससे भी गाड़ियों में आग लगने की समस्या हो रही है। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर में बैटरी का इस्तेमाल सीट के नीचे किया जाता है। ऐसे में जब गाड़ी धूप में खड़ी रहती है तब उसकी बॉडी का टम्परेचर 70 डिग्री या उससे भी ज्यादा हो जाता है। सीट के नीचे का हिस्सा एयर टाइट होता है ऐसे में उसका टेम्परेचर भी उतना हो जाता है। जब हम गाड़ी को स्टार्ट करते हैं तो उसे आगे बढ़ाने के लिए मोटर का ज्यादा पावर लगता है। इससे तापमान और भी ज्यादा बढ़ जाता है। इसी वजह से गाड़ी में स्मैल आने लगती है और कई बार गर्मी की वजह से बैटरी में आग लग जाती है।

5. चाइनीज मैन्युफैक्चरर द्वारा तैयार: बैटरी बनाने वाले ज्यादातर मैन्युफैक्चरर चाइनीज और ताइवानी हैं। ऐसे में बैटरी का वजन और कीमत कम करने की वजह से उसमें हीट सिंक का अच्छी तरह से इस्तेमाल नहीं किया जाता। बैटरी की कूलिंग पर अभी तक अच्छी तरह से काम नहीं किया गया है। इसी लापरवाही की वजह से गाड़ी की बैटरी में आग लगने की घटनाएं हो रही हैं। दूसरी तरफ, कारों में ज्यादा किलोवाट की बैटरी के साथ हीट सिंक और कूलेंट का भी इस्तेमाल किया जाता है। ये कारों की बैटरी को एकदम ठंडा रखता है।

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर इस्तेमाल करने वाले इन 6 बातों का ध्यान रखें

1. टू-व्हीलर की बैटरी को घर में ऐसी जगह पर चार्ज करें जो आउटर एरिया हो। उसे कपड़े या लकड़ी के सरफेस पर नहीं रखें।

2. बैटरी को पूरी रात चार्जिंग पर नहीं छोड़े। जब तक आप जाग रहे हैं तब तक चार्ज करें। सोते वक्त चार्जिंग बंद कर दें।

3. ई-व्हीकल पानी में भीग जाए तो चार्जिंग से बचें। अच्छी तरह सूखने और साफ करने के बाद भी उसे चार्जिंग पर लगाएं।

4. ड्राइविंग के दौरान आपको जरा सी भी महक आती है तब उसे इग्नोर न करें। तुरंत गाड़ी को रोक लें और सबसे पहले सीट को ओपन कर लें। ताकी अंदर की हीट बाहर निकल जाए।

5. चीनी मैन्युफैक्चरर का व्हीकल लेने से भी बचें। इसकी बजाए जो गाड़ियां हमारे यहां की फैक्ट्री में बन रही हैं उन पर जाएं। 

6. गाड़ी के इंश्योरेंस को अप-टू-डेट रखें। कोशिश करें कि यदि वो एक्सपायर होने वाला है तब सप्ताहभर पहले ही उसे रिन्यू करा लें।

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