National Doctor’s Day 2022: जानें कौन थे बिधान चंद्र रॉय, जिनके सम्मान में मनाया जाता है डॉक्टर्स डे

National Doctor’s Day 2022: चिकित्सकों के बिना इस दुनिया की कल्पना नहीं की जा सकती है. हर डॉक्टर के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने के लिए हर साल 1 जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे (National Doctor’s Day) मनाया जाता है. क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर 1 जुलाई को ही क्यों डॉक्टर डे सेलिब्रेट किया जाता है. अगर आप इस बारे में नहीं जानते हैं तो आज हम आपको इस बारे में बताते हैं. दरअसल, नेशनल डॉक्टर्स डे महान चिकित्सक और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री रहे डॉ. बिधान चंद्र रॉय के सम्मान में मनाया जाता है. 1 जुलाई को डॉ. राय का जन्म हुआ था इस वजह से ही नेशनल डॉक्टर्स डे मनाने के लिए 1 जुलाई का दिन तय किया गया.

चेहरा, नाड़ी देखकर बता देते थे मर्ज
डॉक्टर बिधान चंद्र राय की अपने पेशे पर किस कदर पकड़ थी, इसका इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब भी कोई मरीज उनके पास आता था तो वे उसका चेहरा और नाड़ी देखकर ही उसका मर्ज और इलाज बता देते थे. डॉ. राय महात्मा गांधी से लेकर जवाहरलाल नेहरू तक के डॉक्टर रहे. डॉक्टर राय फिजिशियन होने के साथ-साथ सर्जन भी थे.

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हाई क्वालिफाइड थे डॉ. रॉय
डॉक्टर रॉय जिस दौर में चिकित्सक बने थे उस दौर में डॉक्टर बनना ही अपने आप में बहुत बड़ी बात होती थी. इस पर हाई क्वालिफाइड होना तो और भी मुश्किल था. लेकिन डॉक्टर रॉय में प्रतिभा कूट-कूटकर भरी थी. उन्होंने पहले कोलकाता मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और फिर एमडी किया. इसके बाद वे पढ़ाई के लिए लंदन चले गए. वहां से डॉ. रॉय एमआरसीपी और एमआरसीएस जैसी डिग्रियां हासिल कर लौटे. उस दौर में बिरले डॉक्टर्स ने ही इतनी शिक्षा हासिल की थी.

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बंगाल के विकास में बड़ा योगदान
डॉ. बिधान चंद्र रॉय जितने महान डॉक्टर थे वे उतने ही बढ़िया राजनेता भी रहे. उन्हें बंगाल का निर्माता भी कहा जाता है. मुख्यमंत्री रहते हुए डॉ. रॉय ने बंगाल में कई बड़ी इंडस्ट्रीज लगाने के साथ बड़े शिक्षण संस्थान भी शुरू किए थे. डॉ. रॉय नेताजी सुभाषचंद्र बोस के करीबी रहे. वे महात्मा गांधी और जवाहर लाल नेहरू के भी अच्छे दोस्त रहे. आजादी के बाद प्रधानमंत्री नेहरू ने डॉ. रॉय को उत्तर प्रदेश का राज्यपाल बनाया लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था. 1948 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. प्रफुल्लचंद्र घोष के इस्तीफा देने के बाद डॉ. रॉय को मुख्यमंत्री बनाया गया था.

ऐसा रहा निजी जीवन
डॉ. विधान चंद्र राय का जन्म 01 जुलाई 1882 को हुआ उनकी मृत्यू मुख्यमंत्री रहते हुए ही 01 जुलाई 1962 को हुई थी. डॉ. रॉय का शुरुआती जीवन काफी अभावों में गुजरा. वे आमतौर पर कॉलेज लाइब्रेरी से ही किताब लेकर पढ़ाई करते थे. कोलकाता मेडिकल कॉलेज में पढ़ने के दौरान उन्होंने सिर्फ एक बार ही 5 रुपये की किताब खरीदी थी. उनका जन्म बिहार के पटना के बांकीपुर में हुआ था. उन्होंने ताउम्र शादी नहीं की और अपना पूरा जीवन मानव सेवा में ही लगा दिया.

Tags: Health, Lifestyle, National Doctor’s Day

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