IND W vs ENG W: इंग्लैंड का सफाया करने उतरेगा भारत, क्लीन स्वीप कर झूलन को विदाई देना चाहेगी टीम इंडिया


झूलन गोस्वामी
– फोटो : सोशल मीडिया

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महिला क्रिकेट में तेज गेंदबाजी का पर्याय बन चुकीं झूलन गोस्वामी लॉर्ड्स में आज अपने करियर का अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने उतरेंगी। टीम इंडिया सीरीज में 2-0 से अजेय बढ़त बना चुकी है। अब भारतीय खिलाड़ी इंग्लैंड की धरती पर पहली बार क्लीन स्वीप कर अपनी ‘झुल्लू दी’ को यादगार विदाई देने के इरादे से मैदान में उतरेंगी।

क्रिकेट के मक्का लॉर्ड्स में कम से कम एक मैच खेलना हर क्रिकेटर के लिए सपना का होता है। शतक लगाना या पांच विकेट लेना अलग बात है। यहां अपने करियर का अंतिम मैच खेलना हर किसी को नसीब नहीं होता। सुनील गावस्कर (हालांकि उन्होंने अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मैच यहां खेला था) को यह मौका नहीं मिला। सचिन तेंदुलकर, ब्रायन लारा और ग्लेन मैक्ग्रा को भी करियर का अंतिम मैच लॉर्ड्स में खेलने का अवसर नहीं मिला।

झूलन गोस्वामी के साथ करीब 20 वर्ष तक खेलने वालीं मिताली राज भी मैदान से मैदान से संन्यास नहीं ले सकीं। अब इसे नियति कहें या महज संयोग कि झूलन अपना अंतिम मैच लॉर्ड्स में खेलेंगी। पांच फीट 11 इंच की इस महान खिलाड़ी के लिए इससे अच्छी विदाई और कुछ हो नहीं सकती थी। वे जब अंतिम मैच खेलने के लिए मैदान में उतरेंगी तो एमसीसी साइट से खड़े होकर सब उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दे रहे होंगे।
फॉर्म में कप्तान हरमनप्रीत
भारतीय क्रिकेट की पोस्टर गर्ल झूलन के विदाई मैच को यादगार बनाने में टीम कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगी। टी-20 सीरीज 1-2 से गंवाने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने वनडे में जबर्दस्त वापसी की। लक्ष्य का पीछा कर और लक्ष्य निर्धारित करने के बाद भी जीत दर्ज की। कप्तान हरमनप्रीत फॉर्म में हैं। उन्होंने पिछले दोनों वनडे में 74 और 143 रन की नाबाद पारियां खेलीं।

झूलन के बाद मेघना, रेणुका व पूजा की बढ़ेगी जिम्मेदारी 
दूसरी ओर, ओपनर शेफाली वर्मा का नहीं चलना टीम के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। हरलीन देओल ने खुद को मध्यक्रम की भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में स्थापित करने के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि गोस्वामी के संन्यास के साथ मेघना सिंह, रेणुका ठाकुर और पूजा वस्त्राकर के तेज गेंदबाजी आक्रमण को बहुत अधिक आगे बढ़ने की जरूरत होगी। वहीं, इंग्लैंड की बात करें तो नियमित कप्तान हीथर नाइट चोट और स्टार ऑलराउंडर नैट सीवर मानसिक स्वास्थ्य कारणों से टीम में नहीं हैं। इससे इंग्लैंड का संतुलन गड़बड़ाया है।
इंग्लैंड के खिलाफ ही पहला और अंतिम मैच
झूलन ने छह जनवरी 2002 को इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। वह विदाई भी इंग्लैंड के खिलाफ खेलकर लेंगी। उन्होंने जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा समय टीम की मौजूदा खिलाड़ी शेफाली वर्मा, ऋचा घोष तो पैदा भी नहीं हुई थीं। जेमिमा रॉड्रिग्ज शायद गोदी में रही होंगी। हरमनप्रीत पंजाब के मोगा में उस समय क्रिकेटर बनने के सपने देख रही थीं। अब झूलन संन्यास ले रही हैं तो हरमन उनकी कप्तान हैं। शेफाली, जेमिमा, यस्तिका भाटिया, ऋचा साथी खिलाड़ी हैं।
झूलन के करियर पर एक नजर

  • झूलन दो आईसीसी वनडे विश्वकप फाइनल (2005 और 2017) खेलने वाली टीम का हिस्सा रहीं हैं।
  • झूलन 353 अंतरराष्ट्रीय विकेट (सभी प्रारूपों) में ले चुकी हैं। वनडे में उनके 253, टेस्ट में 44 और टी-20 में 56 विकेट।
  • 20 वर्ष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वालीं पश्चिम बंगाल के चकदाह कस्बे की रहने वाली झूलन आईसीसी वूमन क्रिकेटर ऑफ द ईयर (2007) भी बन चुकी हैं।  
  • 2017 के वनडे विश्वकप सेमीफाइनल में झूलन ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मेग लेनिंग को शून्य पर क्लीन बोल्ड किया था। यह उनकी एक यादगार गेंद रहेगी।
  • झूलन (253 विकेट) 200 या इससे अधिक वनडे विकेट लेने वालीं विश्व की एकमात्र खिलाड़ी हैं। दूसरे नंबर पर दक्षिण अफ्रीका की शबनीम इस्माइली हैं, जिन्होंने 191 विकेट लिए हैं।
  • झूलन गोस्वामी 283 अंतरराष्ट्रीय मैच (203 वनडे, 12 टेस्ट, 68 टी-20) खेल चुकी हैं।  
  • अनुभवी झूलन ने 203 वनडे खेले हैं और वह मिताली राज (232) के बाद दूसरे नंबर पर हैं। रोचक तो यह है कि मौजूदा सीरीज में जो दो वनडे झूलन ने खेले हैं, केवल उनमें मिताली संन्यास लेने के कारण नहीं थी, वर्ना 201 वनडे दोनों ने एक ही अंतिम एकादश में खेले हैं।
  • अगर समय की बात करें तो उनका करियर (20 साल, 261 दिन) दूसरा सबसे लंबा करियर होगा। उन्होंने छह जनवरी 2002 को पदार्पण किया और अब 24 सितंबर को खेल को बाय-बाय कहेंगी। 
  • वह ऐसी 11 खिलाड़ियों में शामिल रही हैं जिन्होंने वनडे में एक हजार या ज्यादा रन बनाए और 100 से ज्यादा विकेट लिए। वह उन तीन खिलाड़ियों में भी शामिल हैं जिन्होंने एक हजार रन और सौ विकेट के अलावा 50 कैच भी लिए।
  • वनडे में कप्तान के तौर पर 32 रन देकर छह विकेट उनका दूसरा श्रेष्ठ प्रदर्शन है जो उन्होंने जुलाई 2011 में न्यूजीलैंड के खिलाफ किया था। 
  • गोस्वामी ने वनडे में 9945 गेंदों पर 5592 रन दिए और वनडे क्रिकेट में दोनों ही रिकॉर्ड हैं।
  • भारत की इस गेंदबाज ने 94 खिलाड़ियों को बोल्ड, 56 खिलाड़ियों को एलबीडब्ल्यू जबकि 102 खिलाड़ियों को कैच आउट कराया।
  • 68 कैच वनडे प्रारूप में लपकीं, जो दूसरा श्रेष्ठ प्रदर्शन है।

टीमें इस प्रकार हैं
भारत : हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, एस मेघना, दीप्ति शर्मा, यस्तिका भाटिया (विकेटकीपर), पूजा वस्त्राकर, स्नेह राणा, रेणुका ठाकुर, मेघना सिंह, राजेश्वरी गायकवाड़, हरलीन देओल, दयालन हेमलता, सिमरन दिलबहादुर, झूलन गोस्वामी, तानिया भाटिया और जेमिमा रॉड्रिग्ज।
इंग्लैंड : एमी जॉन्स (कप्तान व विकेटकीपर), टैमी ब्यूमॉन्ट, लॉरेन बेल, माइया बाउचिअर, एलिस कैप्सी, केट क्रॉस, फ्रेया डेविस, एलिस डेविडसन रिचर्ड्स, चार्ली डीन, सोफिया डंकले, सोफी एक्लेस्टोन, फ्रेया केंप, ईसी वांग, डेनी वाएट।

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महिला क्रिकेट में तेज गेंदबाजी का पर्याय बन चुकीं झूलन गोस्वामी लॉर्ड्स में आज अपने करियर का अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने उतरेंगी। टीम इंडिया सीरीज में 2-0 से अजेय बढ़त बना चुकी है। अब भारतीय खिलाड़ी इंग्लैंड की धरती पर पहली बार क्लीन स्वीप कर अपनी ‘झुल्लू दी’ को यादगार विदाई देने के इरादे से मैदान में उतरेंगी।

क्रिकेट के मक्का लॉर्ड्स में कम से कम एक मैच खेलना हर क्रिकेटर के लिए सपना का होता है। शतक लगाना या पांच विकेट लेना अलग बात है। यहां अपने करियर का अंतिम मैच खेलना हर किसी को नसीब नहीं होता। सुनील गावस्कर (हालांकि उन्होंने अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मैच यहां खेला था) को यह मौका नहीं मिला। सचिन तेंदुलकर, ब्रायन लारा और ग्लेन मैक्ग्रा को भी करियर का अंतिम मैच लॉर्ड्स में खेलने का अवसर नहीं मिला।

झूलन गोस्वामी के साथ करीब 20 वर्ष तक खेलने वालीं मिताली राज भी मैदान से मैदान से संन्यास नहीं ले सकीं। अब इसे नियति कहें या महज संयोग कि झूलन अपना अंतिम मैच लॉर्ड्स में खेलेंगी। पांच फीट 11 इंच की इस महान खिलाड़ी के लिए इससे अच्छी विदाई और कुछ हो नहीं सकती थी। वे जब अंतिम मैच खेलने के लिए मैदान में उतरेंगी तो एमसीसी साइट से खड़े होकर सब उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दे रहे होंगे।



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