Income Tax Return: आयकर रिटर्न भरने के बाद भी मिले इनकम टैक्स नोटिस, तो ऐसे दें जवाब


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वित्तीय वर्ष 2021-22 (कर निर्धारण वर्ष 2022-23) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि (ITR filing last date) 31 जुलाई 2022 है। अगर आपने अंतिम तिथि तक अपना रिटर्न फाइन नहीं किया तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपको नोटिस थमा सकता है। यह नोटिस आपके पैन कार्ड और आयकर विभाग में पंजीकृत ईमेल आईडी पर भेजा जाता है। इसकी जानकारी आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भी दी जाती है। कई लोगों को आईटीआर फाइल करने के बावजूद विभाग की ओर से नोटिस आ जाता है। अक्सर लोग इनकम टैक्स विभाग का नोटिस देखकर इसे एक बड़ी समस्या समझकर चिंता में पड़ जाते हैं। अगर आपने कोई गलती नहीं की है तो इनकम टैक्स का नोटिस मिलने के बाद परेशान नहीं होना चाहिए। आइए जानते हैं आयकर रिटर्न भरने के बाद भी अगर आयकर विभाग आपको नोटिस भेज दे उस परिस्थिति में आपको क्या करना चाहिए?

क्यों आता है आयकर विभाग का नोटिस?

अगर आपकी आमदनी टैक्स में छूट की सीमा से अधिक है यानी टैक्सेबल है और आप आयकर नहीं भरते हैं, तो आपको इनकम टैक्स डिपार्टमें का नोटिस आना लाजिमी है। कभी-कभी ऐसा भी होता है कि अगर आपने अपनी रिटर्न फाइलिंग के दौरान कम आय दिखाई है तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपको नोटिस भेजता है। इन चीजों के अलावे आईटीआर रिटर्न भरते समय की गई गणना में गलती, इनकम टैक्स रिटर्न फॉरम को सही तरीके से नहीं भरने या फिर रिटर्न में अत्यधिक नुकसान दिखाने, आईटीआर फॉर्म में दी जाने वाली बेसिक डिटेल्स नाम, पता, पैन, डेट ऑफ बर्थ आदि में गलती होने पर भी आयकर विभाग आपको नोटिस भेज सकता है। 

टैक्स रिटर्न सही तरीके से भरना है जरूरी 

टैक्स नोटिस करदाता को एक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत भेजा जाता है। करदाता केवल तभी इस तरह के नोटिस से खुद का बचाव कर सकते हैं जब वे यह सुनिश्चित कर लें कि टैक्स रिटर्न सही तरीके से और सही समय पर भरा जाए। इसके साथ ही यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि आईटीआर और फॉर्म AS 26 में भरे गए इनकम टैक्स डिटेल्स एक समान हों। इसके अलावा बैंक अकाउंट में जमा और निकासी भी एक सीमा के अंदर ही होनी चाहिए। आईटीआर में म्यूचुअल फंड या शेयरों को खरीदने या बेचने की जानकारी दी गई होनी चाहिए। अगर आप अपने लेन-देन की सही-सही जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को उपलब्ध कराते हैं तो इस बात की संभावना कम हो जाती है कि विभाग आपको आयकर रिटर्न दाखिल करने के बाद नोटिस भेजे। 

नोटिस मिलने पर क्या करना चाहिए?

आयकर विभाग का नोटिस मिलने के बाद सबसे पहले उसे ठीक तरह से पढ़ना चाहिए। नोटिस मिलने के बाद उसे अच्छी तरह से पढ़कर आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए आपको नोटिस किस कारण से भेजा गया है और इस नोटिस की गंभीरता कितनी है। इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि इस नोटिस जवाब देने के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से क्या समयसीमा तय की गई है। नोटिस में दिए गए समयसीमा के भीतर आपको उसका जवाब विभाग को भेजना जरूरी होता है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अगर विभाग ने किसी मामूली गलती की वजह से आपको नोटिस भेजा है तो आपको स्पष्ट तरीके से उसका जवाब देना चाहिए। 

नोटिस में जो जानकारी मांगी गई है उसे आयकर विभाग को उपलब्ध कराएं 

अगर विभाग ने आपको नोटिस भेजकर आपकी आमदनी या लेन-देन से जुड़ी कोई जानकारी मांगी है तो उसे यह जरूरी जानकारी और दस्तावेज तत्काल मुहैया कराएं। नोटिस का जवाब नहीं देने पर आपको आयकर कानून के प्रावधानों के तहत जुर्माना भरना पड़ सकता है। इसिलए यह जरूरी है कि इस तरह के नोटिस से बचने के लिए आप आयकर रिटर्न भरने के दौरान सही-सही जानकारी दें और अगर आप पर इनकम टैक्स की कोई भी देनदारी बनती है तो उसे समयसीमा के अंदर चुका दें। 

किसी जानकार की मदद लें और नोटिस का समय से सटीक जवाब दें  

अगर नोटिस मिलने के बाद उसमें लिखी गईं बातें आपकी समझ में नहीं आती है और आपको लगता है कि यह कुछ ज्यादा ही जटिल या गंभीर है और आप इसका स्वयं से जवाब दे पाने में सक्षम नहीं हैं तो आपको किसी विशेषज्ञ या सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) से मदद लेनी चाहिए। इनकम टैक्स विभाग के नोटिस का जवाब देने के लिए सबसे बेहतर विकल्प यह है कि आप किसी योग्य और भरोसेमंद चार्टर्ड अकाउंटेंट को हायर कर लें, जो आपके नोटिस का जवाब देने में आपकी मदद करें। इनकम टैक्स विभाग के नोटिस का ना केवल समयसीमा के अंदर जवाब देना जरूरी है बल्कि इसका सटीक जवाब देना भी जरूरी है। आयकर रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई बस अब कुछ ही दिन दूर है इसलिए यह जरूरी है कि आप आखिरी समय का इंतजार ना करें और इनकम टैक्स रिटर्न समयसीमा के अंदर दाखिल करें। अगर रिटर्न दाखिल करने के बाद आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस मिले तो उसका भी सही समय पर और सटीक जवाब दें। 

विस्तार

वित्तीय वर्ष 2021-22 (कर निर्धारण वर्ष 2022-23) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि (ITR filing last date) 31 जुलाई 2022 है। अगर आपने अंतिम तिथि तक अपना रिटर्न फाइन नहीं किया तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपको नोटिस थमा सकता है। यह नोटिस आपके पैन कार्ड और आयकर विभाग में पंजीकृत ईमेल आईडी पर भेजा जाता है। इसकी जानकारी आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भी दी जाती है। कई लोगों को आईटीआर फाइल करने के बावजूद विभाग की ओर से नोटिस आ जाता है। अक्सर लोग इनकम टैक्स विभाग का नोटिस देखकर इसे एक बड़ी समस्या समझकर चिंता में पड़ जाते हैं। अगर आपने कोई गलती नहीं की है तो इनकम टैक्स का नोटिस मिलने के बाद परेशान नहीं होना चाहिए। आइए जानते हैं आयकर रिटर्न भरने के बाद भी अगर आयकर विभाग आपको नोटिस भेज दे उस परिस्थिति में आपको क्या करना चाहिए?

क्यों आता है आयकर विभाग का नोटिस?

अगर आपकी आमदनी टैक्स में छूट की सीमा से अधिक है यानी टैक्सेबल है और आप आयकर नहीं भरते हैं, तो आपको इनकम टैक्स डिपार्टमें का नोटिस आना लाजिमी है। कभी-कभी ऐसा भी होता है कि अगर आपने अपनी रिटर्न फाइलिंग के दौरान कम आय दिखाई है तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपको नोटिस भेजता है। इन चीजों के अलावे आईटीआर रिटर्न भरते समय की गई गणना में गलती, इनकम टैक्स रिटर्न फॉरम को सही तरीके से नहीं भरने या फिर रिटर्न में अत्यधिक नुकसान दिखाने, आईटीआर फॉर्म में दी जाने वाली बेसिक डिटेल्स नाम, पता, पैन, डेट ऑफ बर्थ आदि में गलती होने पर भी आयकर विभाग आपको नोटिस भेज सकता है। 

टैक्स रिटर्न सही तरीके से भरना है जरूरी 

टैक्स नोटिस करदाता को एक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत भेजा जाता है। करदाता केवल तभी इस तरह के नोटिस से खुद का बचाव कर सकते हैं जब वे यह सुनिश्चित कर लें कि टैक्स रिटर्न सही तरीके से और सही समय पर भरा जाए। इसके साथ ही यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि आईटीआर और फॉर्म AS 26 में भरे गए इनकम टैक्स डिटेल्स एक समान हों। इसके अलावा बैंक अकाउंट में जमा और निकासी भी एक सीमा के अंदर ही होनी चाहिए। आईटीआर में म्यूचुअल फंड या शेयरों को खरीदने या बेचने की जानकारी दी गई होनी चाहिए। अगर आप अपने लेन-देन की सही-सही जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को उपलब्ध कराते हैं तो इस बात की संभावना कम हो जाती है कि विभाग आपको आयकर रिटर्न दाखिल करने के बाद नोटिस भेजे। 

नोटिस मिलने पर क्या करना चाहिए?

आयकर विभाग का नोटिस मिलने के बाद सबसे पहले उसे ठीक तरह से पढ़ना चाहिए। नोटिस मिलने के बाद उसे अच्छी तरह से पढ़कर आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए आपको नोटिस किस कारण से भेजा गया है और इस नोटिस की गंभीरता कितनी है। इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि इस नोटिस जवाब देने के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से क्या समयसीमा तय की गई है। नोटिस में दिए गए समयसीमा के भीतर आपको उसका जवाब विभाग को भेजना जरूरी होता है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अगर विभाग ने किसी मामूली गलती की वजह से आपको नोटिस भेजा है तो आपको स्पष्ट तरीके से उसका जवाब देना चाहिए। 

नोटिस में जो जानकारी मांगी गई है उसे आयकर विभाग को उपलब्ध कराएं 

अगर विभाग ने आपको नोटिस भेजकर आपकी आमदनी या लेन-देन से जुड़ी कोई जानकारी मांगी है तो उसे यह जरूरी जानकारी और दस्तावेज तत्काल मुहैया कराएं। नोटिस का जवाब नहीं देने पर आपको आयकर कानून के प्रावधानों के तहत जुर्माना भरना पड़ सकता है। इसिलए यह जरूरी है कि इस तरह के नोटिस से बचने के लिए आप आयकर रिटर्न भरने के दौरान सही-सही जानकारी दें और अगर आप पर इनकम टैक्स की कोई भी देनदारी बनती है तो उसे समयसीमा के अंदर चुका दें। 

किसी जानकार की मदद लें और नोटिस का समय से सटीक जवाब दें  

अगर नोटिस मिलने के बाद उसमें लिखी गईं बातें आपकी समझ में नहीं आती है और आपको लगता है कि यह कुछ ज्यादा ही जटिल या गंभीर है और आप इसका स्वयं से जवाब दे पाने में सक्षम नहीं हैं तो आपको किसी विशेषज्ञ या सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) से मदद लेनी चाहिए। इनकम टैक्स विभाग के नोटिस का जवाब देने के लिए सबसे बेहतर विकल्प यह है कि आप किसी योग्य और भरोसेमंद चार्टर्ड अकाउंटेंट को हायर कर लें, जो आपके नोटिस का जवाब देने में आपकी मदद करें। इनकम टैक्स विभाग के नोटिस का ना केवल समयसीमा के अंदर जवाब देना जरूरी है बल्कि इसका सटीक जवाब देना भी जरूरी है। आयकर रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई बस अब कुछ ही दिन दूर है इसलिए यह जरूरी है कि आप आखिरी समय का इंतजार ना करें और इनकम टैक्स रिटर्न समयसीमा के अंदर दाखिल करें। अगर रिटर्न दाखिल करने के बाद आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस मिले तो उसका भी सही समय पर और सटीक जवाब दें। 



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