CWG 2022: हिमाचल की बेटी रेणुका ठाकुर ने ढाया कहर, टीम इंडिया पदक जीतने से सिर्फ एक कदम दूर


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राष्ट्रमंडल खेलों में हिमाचल की बेटी रेणुका सिंह ठाकुर का शानदार प्रदर्शन जारी है। राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बुधवार को अपने तीसरे मुकाबले में बारबाडोस को हरा दिया। टीम इंडिया से मिले 163 रन के लक्ष्य के सामने बारबाडोस की टीम आठ विकेट पर 62 रन ही बना सकी। इस जीत के साथ भारतीय महिला क्रिकेट टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है और पदक जीतने से सिर्फ एक कदम दूर है। 

रेणुका ने झटके चार विकेट
जीत के लिए 163 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बारबाडोस टीम के खिलाफ भारत की तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर ने कहर बरपा दिया। पहले ओवर की तीसरी गेंद पर उन्होंने दिएंद्रा डॉटिन को बोल्ड कर दिया, वो अपना खाता भी नहीं खोल पाईं। इसके बाद अपने दूसरे ओवर की दूसरी गेंद पर हैली मैथ्यूज को शेफाली के हाथों कैच कर दिया। वो 9 रन बना सकीं। इसके बाद तो एक छोर से विकेटों की झड़ी लग गई और स्कोर अचानक 5 ओवर में 19 रन पर 4 विकेट हो गया। चारों शुरुआती विकेट रेणुका ने झटके। लेकिन इसके बाद बारबाडोस की टीम पूरी तरह बैकफुट पर नजर आने लगी। 

हिमाचल की बेटी का संघर्ष लाया रंग
रेणुका का जन्म शिमला जिले के रोहडू के पारसा गांव में हुआ। तीन साल की उम्र में पिता का निधन हो गया था। पिता केहर सिंह चाहते थे कि उनकी बेटी क्रिकेटर बने। वह विनोद कांबली के बड़े फैन थे। रेणुका के पिता का निधन 1999 में हो गया था। इसके बाद रेणुका की मां को सरकारी नौकरी मिली। पिता के निधन के बाद उसने गांव में क्रिकेट खेलना शुरू किया। बाद में हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन(एचपीसीए) की धर्मशाला अकादमी के लिए चुनी गईं।

एचपीसीए के कोच पवन सेन से क्रिकेट की बारीकियां सीखीं। 2019 में रेणुका ने बीसीसीआई महिला वन डे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 23 विकेट हासिल किए थे।  रेणुका से पहले दो हिमाचली महिला खिलाड़ी भारतीय टीम का हिस्सा बनी हैं। शिमला के ही सुन्नी की सुषमा वर्मा भी भारतीय महिला टीम में खेल चुकी हैं। हरलीन देओल भी भारत की ओर से खेली हैं। रेणुका के शानदार प्रदर्शन से क्षेत्र में खुशी की लहर है।

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राष्ट्रमंडल खेलों में हिमाचल की बेटी रेणुका सिंह ठाकुर का शानदार प्रदर्शन जारी है। राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बुधवार को अपने तीसरे मुकाबले में बारबाडोस को हरा दिया। टीम इंडिया से मिले 163 रन के लक्ष्य के सामने बारबाडोस की टीम आठ विकेट पर 62 रन ही बना सकी। इस जीत के साथ भारतीय महिला क्रिकेट टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है और पदक जीतने से सिर्फ एक कदम दूर है। 

रेणुका ने झटके चार विकेट

जीत के लिए 163 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बारबाडोस टीम के खिलाफ भारत की तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर ने कहर बरपा दिया। पहले ओवर की तीसरी गेंद पर उन्होंने दिएंद्रा डॉटिन को बोल्ड कर दिया, वो अपना खाता भी नहीं खोल पाईं। इसके बाद अपने दूसरे ओवर की दूसरी गेंद पर हैली मैथ्यूज को शेफाली के हाथों कैच कर दिया। वो 9 रन बना सकीं। इसके बाद तो एक छोर से विकेटों की झड़ी लग गई और स्कोर अचानक 5 ओवर में 19 रन पर 4 विकेट हो गया। चारों शुरुआती विकेट रेणुका ने झटके। लेकिन इसके बाद बारबाडोस की टीम पूरी तरह बैकफुट पर नजर आने लगी। 

हिमाचल की बेटी का संघर्ष लाया रंग

रेणुका का जन्म शिमला जिले के रोहडू के पारसा गांव में हुआ। तीन साल की उम्र में पिता का निधन हो गया था। पिता केहर सिंह चाहते थे कि उनकी बेटी क्रिकेटर बने। वह विनोद कांबली के बड़े फैन थे। रेणुका के पिता का निधन 1999 में हो गया था। इसके बाद रेणुका की मां को सरकारी नौकरी मिली। पिता के निधन के बाद उसने गांव में क्रिकेट खेलना शुरू किया। बाद में हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन(एचपीसीए) की धर्मशाला अकादमी के लिए चुनी गईं।

एचपीसीए के कोच पवन सेन से क्रिकेट की बारीकियां सीखीं। 2019 में रेणुका ने बीसीसीआई महिला वन डे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 23 विकेट हासिल किए थे।  रेणुका से पहले दो हिमाचली महिला खिलाड़ी भारतीय टीम का हिस्सा बनी हैं। शिमला के ही सुन्नी की सुषमा वर्मा भी भारतीय महिला टीम में खेल चुकी हैं। हरलीन देओल भी भारत की ओर से खेली हैं। रेणुका के शानदार प्रदर्शन से क्षेत्र में खुशी की लहर है।



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