CWG 2022: अविनाश साबले और प्रियंका गोस्वामी ने रचा इतिहास, ट्रैक एंड फील्ड इवेंट में बनाया नया कीर्तिमान

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Priyanka Goswami and Avinash Sable

Highlights

  • अविनाश साबले 3000 मीटर स्टीपलचेज में सिल्वर मेडल जीता
  • प्रियंका गोस्वामी ने 10,000 मीटर रेस वॉक में रजत पदक जीता
  • कॉमनवेल्थ 2022 में एथलेटिक्स से आ चुके हैं 4 पदक

CWG 2022: कॉमनवेल्थ गेम्स के नौवें दिन ट्रैक एंड फील्ड इवेंट में जो हुआ वह पहले कभी नहीं हुआ था। अविनाश साबले 3000 मीटर स्टीपलचेज में सिल्वर मेडल जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स में लंबी दूरी की कंपिटिशन में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पुरूष बन गए जबकि प्रियंका गोस्वामी रेस वॉक में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी। साबले ने अपना ही नेशनल रिकॉर्ड तोड़कर पुरूषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज कंपिटिशन का सिल्वर मेडल जीता जबकि प्रियंका गोस्वामी ने 10,000 मीटर रेस वॉक कंपिटिशन में रजत पदक हासिल किया। साबले से पहले कविता राउत ने 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं की 10,000 मीटर रेस वॉक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।

साबले ने 3000 मीटर स्टीपलचेज में जीता सिल्वर मेडल

एथलेटिक्स में भारत के लिए खेला का नौवां दिन यानी शनिवार का दिन अच्छा रहा। गोस्वामी ने रेस वॉक में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर नया इतिहास रचा। साबले ने 8 :11.20 सेकंड का समय निकालकर 8: 12.48 का अपना नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा। वह केन्या के अब्राहम किबिवोट से महज 0.5 सेकंड से पीछे रह गए। केन्या के एमोस सेरेम ने कांस्य पदक जीता। किबिवोट यूजीन में पिछले महीने वर्ल्ड चैम्पियनशिप में पांचवें स्थान पर और साबले 11वें स्थान पर रहे थे। एथलेटिक्स में आने से पहले सेना की नौकरी में सियाचिन में तैनात रह चुके साबले डायमंड लीग में पांचवें स्थान पर रहे थे। सिल्वर मेडल जीतने के बाद साबले ने कहा, ‘‘ मेरा आखिरी लैप निराशाजनक था लेकिन मैं खुश हूं कि लंबे समय बाद भारत ने लंबी दूरी में पदक जीता।’’

प्रियंका गोस्वामी रेस वॉक में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

साबले की तरह गोस्वामी ने भी अपने इवेंट में पर्सनल बेस्ट समय 43:38.83 सेकेंड के साथ ऑस्ट्रेलिया की जेमिमा मोंटाग (42:34.30) के बाद दूसरा स्थान हासिल किया। केन्या की एमिली वामुस्यी नगी (43:50.86) ने कांस्य पदक जीता। गोस्वामी ने जीत के बाद कहा, ‘‘यह किसी भारतीय महिला का इस वर्ग में पहला राष्ट्रमंडल पदक है। मैं बहुत खुश हूं कि मैने इतिहास रचा।’’ पोडियम पर हाथ में कृष्ण की मूर्ति लेकर खड़ी हुई गोस्वामी ने कहा, ‘‘मेरे पास लड्डू गोपाल हैं और हर बार मैं प्रतिस्पर्धा में उन्हें साथ लेकर जाती हूं। मैने अपने नाखून पर उन देशों के झंडे का रंग रंगा है जहां मैं खेली हूं।

दो रजत के साथ भारतीय एथलेटिक्स टीम के चार पदक हो गए हैं जबकि 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने ट्रैक और फील्ड में एक गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज जीता था। हाई जंप मे तेजस्विन शंकर ब्रॉन्ज और लॉन्ग जंप में मुरली श्रीशंकर सिल्वर जीत चुके हैं।



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