Commonwealth Championship: तलवारबाज भवानी देवी ने जीता गोल्ड, ओलंपिक में भी रच चुकी हैं इतिहास

Image Source : TWITTER
भारतीय तलवारबाज सीए. भवानी देवी

Commonwealth Fencing Championship: भारत की भवानी देवी ने लंदन में आयोजित हुई राष्ट्रमंडल तलवारबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपने करियर में एक नया मुकाम हासिल कर लिया है। विश्व में 42वें रैकिंग की भारतीय तलवारबाज ने सीनियर महिला सेबर व्यक्तिगत वर्ग के फाइनल में मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया की वेरोनिका वासिलेवा को 15-10 से हराया। इससे पहले भवानी पिछले साल भारत के लिए टोक्यो ओलंपिक में भी इतिहास रच चुकी थीं। साथ ही इंटरनेशनल स्तर पर वह भारत के लिए गोल्ड जीतने वाली पहली तलवारबाज भी बन गई हैं।

ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय तलवारबाज बनने के बाद चेन्नई में जन्मी भवानी ने अपने खेल में लगातार प्रगति की है। उन्होंने इस्तांबुल में खेले गए विश्व कप से इस साल की शुरुआत की जिसमें वह 23वें स्थान पर रहीं। इसके बाद भवानी ने जुलाई में काहिरा में विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और दूसरे दौर तक पहुंचने में सफल रहीं। राष्ट्रमंडल तलवारबाजी चैंपियनशिप इस साल उनका दसवां अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट है। 

अपनी जीत पर भवानी ने कहा, ‘‘फाइनल बेहद कड़ा था और मैं इस साल भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक जीतकर बेहद प्रसन्न हूं। मेरे लिए इस साल का सफर अभी तक बहुत अच्छा रहा है और मैं आगामी प्रतियोगिताओं में भी यही लय बरकरार रखना चाहती हूं।’’ भारतीय तलवारबाजी संघ के महासचिव राजीव मेहता उन्हें देश में तलवारबाजी की मशालवाहक के रूप में देखते हैं। मेहता ने कहा, ‘‘वह भारत के प्रत्येक तलवारबाज के लिए प्रेरणा है और उसके कारण कई युवा इस खेल में वैश्विक स्तर पर अपनी छाप छोड़ने का सपना देखते हैं। इस स्वर्ण पदक से हमारा विश्वास बढ़ा है कि भारत में तलवारबाजी खेल आगे बढ़ रहा है।’’ 

टोक्यो ओलंपिक में जीता सभी का दिल

टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए मेडल न ला पाने के बाद देशवासियों से माफी की मांग कर एक भावुक संदेश देने वाली भारतीय तलवारबाज भवानी देवी ने भले पदक ना जीता हो लेकिन दिल सभी का जीत लिया था। देश की इस होनहार बेटी ने ओलंपिक में भले ही जीत हासिल न की हो, लेकिन अपने शानदार प्रदर्शन से पहले मैच में जीत हासिल कर इतिहास रच दिया था। उन्होंने ट्यूनीशिया की नादिया बेन अजिजि पर 15-3 से एकतरफा जीत दर्ज की थी। वह भारत के लिए एक तलवारबाज के तौर पर ओलंपिक में पहली जीत हासिल करने वाली खिलाड़ी बनी थीं। हालांकि वे दूसरा मैच हार गईं लेकिन फिर भी वह टोक्यो में इतिहास रचकर भारत लौटी थीं।



Source link

Leave a Reply