Air Pollution Effects: वायु प्रदूषण से घट रही है लोगों की उम्र ! एक्सपर्ट से जानें इससे बचने के उपाय

Air Pollution Effects on Life Expectancy: दुनिया में इस वक्त वायु प्रदूषण (Air Pollution) एक गंभीर समस्या बन गया है. इसकी वजह से लोगों के स्वास्थ्य पर कई हानिकारक प्रभाव देखने को मिल रहे हैं. भारत के कई इलाकों में वायु प्रदूषण गंभीर स्तर पर रहता है, जो लोगों की जिंदगी (Life Expectancy) घटा रहा है. इसका खुलासा एक हालिया स्टडी में हुआ है. आपको जानकर हैरानी होगी कि विश्व की बड़ी आबादी असुरक्षित हवा में सांस ले रही है. इसकी वजह से उनकी जिंदगी के कुछ साल कम होते जा रहे हैं.

क्या कहती है स्टडी?

यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट (EPIC) ने हाल ही में एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स (AQLI) की रिपोर्ट जारी की है. इसके मुताबिक दुनियाभर में वायु प्रदूषण की वजह से लोगों की जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) करीब 2 साल से ज्यादा घट गई है. चौंकाने वाली बात यह है कि भारत में 2013 के बाद तेजी से प्रदूषण बढ़ा है और इसकी वजह से यहां के लोगों की जीवन प्रत्याशा करीब 5 साल घट गई है. बीते कुछ समय में साउथ एशिया में प्रदूषण का सबसे ज्यादा खतरनाक प्रभाव देखने को मिला है. इसके अलावा साउथ ईस्ट एशिया, सेंट्रल और वेस्ट अफ्रीका, अमेरिका और यूरोप में भी प्रदूषण से लोगों की हेल्थ प्रभावित हो रही है.

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जानें स्टडी की चौंकाने वाली बातें

इस स्टडी के मुताबिक दुनिया की 97 फीसदी जनसंख्या ऐसे इलाकों में रह रही है, जहां पर वायु प्रदूषण का स्तर सामान्य से कई गुना ज्यादा है. हवा में मौजूद PM2.5 के कण फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं. स्टडी में चेतावनी दी गई है कि वायु प्रदूषण को सार्वजनिक स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं बनाया गया, तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं. अगर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा रिकमेंड किए गए PM2.5 के स्तर को वैश्विक स्तर पर पांच माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक कम कर दिया जाए, तो जीवन प्रत्याशा औसतन 2.2 साल तक बढ़ जाएगी.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

सर गंगाराम हॉस्पिटल (दिल्ली) के डिपार्टमेंट ऑफ प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत के मुताबिक वायु प्रदूषण की वजह से हमारे फेफड़ों पर सबसे ज्यादा असर होता है. धूल-मिट्टी और धुंए में लंबे समय तक रहने से फेफड़े कमजोर हो जाते हैं. कई बार इनमें सिकुड़न और सूजन आ जाती है, जिससे सांस लेने में दिक्कत हो जाती है. कई मामलों में इंफेक्शन भी देखने को मिलता है. लंबे समय तक प्रदूषण वाले इलाकों में रहने से अस्थमा और एलर्जी की समस्या हो जाती है. इसके अलावा प्रदूषण से सीने में दर्द, गैस्ट्रिक प्रॉब्लम, आंखों का लाल होना, मुंह ड्राई होने जैसे लक्षण भी देखने को मिलते हैं.

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वायु प्रदूषण से ऐसे करें बचाव

डॉ. सोनिया रावत के मुताबित वायु प्रदूषण से बचने के लिए आप बाहर जाते वक्त मास्क लगाएं. ऐसी जगहों पर जाने से बचें, जहां पर धूल-मिट्टी या धुआं ज्यादा हो. आप कुछ इनडोर प्लांट्स लगाकर भी इस समस्या से राहत पा सकते हैं. घरों की खिड़कियां बंद रखें और एयर प्यूरीफायर भी लगाया जा सकता है. जो लोग स्मोकिंग करते हैं, उन्हें खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है. किसी तरह की समस्या महसूस हो, तो तुरंत एक्सपर्ट से संपर्क करना चाहिए.

Tags: Air pollution, Health, Lifestyle

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