Agra Drug Case: प्लॉट में मिली थीं 40 लाख की सैंपल की दवाएं, तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा

सार

14 मई को छत्ता के सिंगी गली में एक प्लॉट में सैंपल की दवाएं फेंकी गईं। इनकी कीमत 40 लाख रुपये आंकी गई। मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी घरों से फरार हो गए हैं। 

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आगरा के छत्ता के सिंगी गली इलाके में खाली प्लॉट में सैंपल की दवाओं को ठिकाने लगाने की कोशिश के मामले में सोमवार रात को मुकदमा दर्ज कराया गया। इसमें तीन लोगों को नामजद किया गया। एसटीएफ ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी, लेकिन वो घरों से फरार हो गए हैं।
 
एसटीएफ आगरा यूनिट ने 12 मई को ताजगंज स्थित दो गोदाम पर सैंपल की दवाएं पकड़ी थीं। इस मामले में गोदाम संचालक सोनू अग्रवाल को जेल भेजा गया था। उसके भाई सहित पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। सोनू अग्रवाल से पूछताछ में अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के नाम सामने आए थे। इसके लिए पुलिस टीम कार्य कर रही थी।

प्लॉट में मिली थीं 250 प्रकार की दवाएं 

14 मई को छत्ता के सिंगी गली में एक प्लॉट में सैंपल की दवाएं फेंकी गईं। सूचना पर एसटीएफ और औषधि विभाग की टीम पहुंची थी। 31 बोरे दवाएं जब्त की थीं। इनमें 250 प्रकार की दवाएं थीं। इनकी बाजार में कीमत 40 लाख रुपये आंकी गई। यह सभी सैंपल की दवाएं थीं, जो मरीजों को मुफ्त में बांटने के लिए फार्मा कंपनियों ने दी थीं। एक कार्टन पर डॉ. अतुल गुप्ता, संजय प्लेस लिखा था। मोबाइल नंबर भी था। भेजने वाले का पता हिमांशु मल्होत्रा, पानीपत लिखा था। यह कोरियर कंपनी से भेजी गई थी।

इस मामले में जांच के बाद थाना छत्ता में तहरीर दी गई। निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि मामले में आनंदी विहार, शमसाबाद रोड निवासी अतुल गुप्ता, सिंगी गली निवासी अरुण और एलआईजी कॉलोनी, शमसाबाद रोड निवासी आरके गुप्ता उर्फ रचित गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी घरों से फरार हो गए हैं। उनकी तलाश की जा रही है।

मकान से फेंकी गई थीं दवाएं

एसटीएफ को जांच में पता चला था कि जिस प्लाट में दवाएं फेंकी गई थीं, उसके एक तरफ मकान बना है। इस पर टीम मकान पर पहुंची। मकान मालिक मिथलेश ने बताया कि बेटे संदीप ने अतुल गुप्ता को पहली मंजिल पर दो कमरे किराये पर दिए थे। अतुल अपने दो साथी अरुण और आरके गुप्ता के साथ दवाओं से भरे कार्टन और प्लास्टिक के कट्टे लेकर आते थे। कमरों की तलाशी में कुछ रसीदें मिली थीं।

सोनू अग्रवाल को रिमांड पर लेने की तैयारी

एसटीएफ के मुताबिक , ताजगंज में गोदाम चलाने वाले सोनू अग्रवाल को रिमांड पर लिया जाएगा। उनके नेटवर्क के बारे में पड़ताल की जाएगी। इसके लिए थाना ताजगंज पुलिस ने तैयारी कर ली है। वहीं एसटीएफ मामले में फरार फार्मा कंपनी के एमआर और जांच अधिकारी की तलाश कर रही है।

विस्तार

आगरा के छत्ता के सिंगी गली इलाके में खाली प्लॉट में सैंपल की दवाओं को ठिकाने लगाने की कोशिश के मामले में सोमवार रात को मुकदमा दर्ज कराया गया। इसमें तीन लोगों को नामजद किया गया। एसटीएफ ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी, लेकिन वो घरों से फरार हो गए हैं।

 

एसटीएफ आगरा यूनिट ने 12 मई को ताजगंज स्थित दो गोदाम पर सैंपल की दवाएं पकड़ी थीं। इस मामले में गोदाम संचालक सोनू अग्रवाल को जेल भेजा गया था। उसके भाई सहित पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। सोनू अग्रवाल से पूछताछ में अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के नाम सामने आए थे। इसके लिए पुलिस टीम कार्य कर रही थी।

प्लॉट में मिली थीं 250 प्रकार की दवाएं 

14 मई को छत्ता के सिंगी गली में एक प्लॉट में सैंपल की दवाएं फेंकी गईं। सूचना पर एसटीएफ और औषधि विभाग की टीम पहुंची थी। 31 बोरे दवाएं जब्त की थीं। इनमें 250 प्रकार की दवाएं थीं। इनकी बाजार में कीमत 40 लाख रुपये आंकी गई। यह सभी सैंपल की दवाएं थीं, जो मरीजों को मुफ्त में बांटने के लिए फार्मा कंपनियों ने दी थीं। एक कार्टन पर डॉ. अतुल गुप्ता, संजय प्लेस लिखा था। मोबाइल नंबर भी था। भेजने वाले का पता हिमांशु मल्होत्रा, पानीपत लिखा था। यह कोरियर कंपनी से भेजी गई थी।

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