100 दिन में 10 हजार सरकारी नौकरी : मुख्यमंत्री योगी ने छह महीने और वार्षिक भर्तियों का लक्ष्य तय करने का वरिष्ठ अफसरों को दिया निर्देश

अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्‍तव
Updated Thu, 31 Mar 2022 10:04 PM IST


सार

मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को समस्त सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्षों व शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने लंबित भर्ती प्रक्रिया को तेज करने, लंबित मामलों का निस्तारण करने और नई भर्तियों की कार्यवाही तेजी से शुरू करने के निर्देश दिए।

ख़बर सुनें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले 100 दिनों में 10 हजार सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने भर्तियों के लिए छह महीने और वार्षिक लक्ष्य भी तय करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने भर्ती कार्यवाही को पालीवाल समिति की संस्तुतियों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता व तय समयसीमा में तेजी से संपन्न कराने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को समस्त सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्षों व शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने लंबित भर्ती प्रक्रिया को तेज करने, लंबित मामलों का निस्तारण करने और नई भर्तियों की कार्यवाही तेजी से शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने अफसरों को 100 दिन में 10 हजार सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी भर्तियों में पूरी तरह से पारदर्शिता बरती जाए और तय समय सीमा में संपन्न कराई जाए। एक सत्र से जुड़ी सभी भर्ती परीक्षाएं उसी सत्र में संपन्न कराई जाएं। उन्होंने भर्ती कार्यवाही की अवधि कम करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने प्रश्नपत्र लीक होने की चुनौतियों के मद्देनजर भर्ती कार्यवाही को शुचितापूर्ण, पारदर्शी, निष्पक्ष व भ्रष्टाचारमुक्त बनाने के लिए परीक्षा एजेंसी चयन में विशेष सावधानी व सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने भर्ती आयोगों व बोर्डों को निर्देशित किया कि सभी भर्ती परीक्षाओं से पहले गृह विभाग से समन्वय बनाया जाए और परीक्षा केन्द्रों के चयन में सावधानी बरती जाए। उन्होंने कहा कि शासकीय विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने में वरीयता दी जाए और जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि कोई भी दागदार छवि वाला केंद्र, परीक्षा केंद्र न बने।

बैठक में मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, अपर मुख्य सचिव कार्मिक एवं नियुक्ति डा. देवेश चतुर्वेदी, राज्य लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, पुलिस भर्ती बोर्ड, उच्चतर माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष तथा अपर मुख्य सचिव उच्च व माध्यमिक शिक्षा उपस्थित रहे।

भर्तियों में आरक्षण का हो पालन
मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्तियों में आरक्षण का पूरी तरह से पालन किया जाए और विज्ञापन में आरक्षण नियमों का स्पष्ट उल्लेख हो। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में तकनीक का भरपूर प्रयोग करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने साक्षात्कार पैनल में सदस्यों के अलावा अतिरिक्त अनुभव प्राप्त व्यक्तियों को भी शामिल करने का निर्देश दिया। कहा, कि मृतक आश्रितों की भर्ती कार्यवाही बेहतर व संवेदनापूर्ण तरीके से तय समय में पूरी की जाएं।

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ही देगा 10 हजार को नौकरी
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के चेयरमैन प्रवीर कुमार ने बताया कि आयोग 100 दिनों में एएनएम के 9212 पदों की मुख्य परीक्षा कराकर रिजल्ट घोषित कर देगा। हालांकि डाक्युमेंट वेरीफिकेशन इस अवधि में पूरा होना संभव नहीं है। एक पद के मुकाबले करीब दो गुना अभ्यर्थियों (18 हजार से ज्यादा) के डाक्युमेंट वेरीफिकेशन में ज्यादा समय लग सकता है। इसके अलावा कुछ भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया पूरी करते हुए फाइनल रिजल्ट दे दिए जाएंगे।

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले 100 दिनों में 10 हजार सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने भर्तियों के लिए छह महीने और वार्षिक लक्ष्य भी तय करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने भर्ती कार्यवाही को पालीवाल समिति की संस्तुतियों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता व तय समयसीमा में तेजी से संपन्न कराने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को समस्त सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्षों व शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने लंबित भर्ती प्रक्रिया को तेज करने, लंबित मामलों का निस्तारण करने और नई भर्तियों की कार्यवाही तेजी से शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने अफसरों को 100 दिन में 10 हजार सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी भर्तियों में पूरी तरह से पारदर्शिता बरती जाए और तय समय सीमा में संपन्न कराई जाए। एक सत्र से जुड़ी सभी भर्ती परीक्षाएं उसी सत्र में संपन्न कराई जाएं। उन्होंने भर्ती कार्यवाही की अवधि कम करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने प्रश्नपत्र लीक होने की चुनौतियों के मद्देनजर भर्ती कार्यवाही को शुचितापूर्ण, पारदर्शी, निष्पक्ष व भ्रष्टाचारमुक्त बनाने के लिए परीक्षा एजेंसी चयन में विशेष सावधानी व सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने भर्ती आयोगों व बोर्डों को निर्देशित किया कि सभी भर्ती परीक्षाओं से पहले गृह विभाग से समन्वय बनाया जाए और परीक्षा केन्द्रों के चयन में सावधानी बरती जाए। उन्होंने कहा कि शासकीय विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने में वरीयता दी जाए और जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि कोई भी दागदार छवि वाला केंद्र, परीक्षा केंद्र न बने।

बैठक में मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, अपर मुख्य सचिव कार्मिक एवं नियुक्ति डा. देवेश चतुर्वेदी, राज्य लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, पुलिस भर्ती बोर्ड, उच्चतर माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष तथा अपर मुख्य सचिव उच्च व माध्यमिक शिक्षा उपस्थित रहे।

भर्तियों में आरक्षण का हो पालन

मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्तियों में आरक्षण का पूरी तरह से पालन किया जाए और विज्ञापन में आरक्षण नियमों का स्पष्ट उल्लेख हो। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में तकनीक का भरपूर प्रयोग करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने साक्षात्कार पैनल में सदस्यों के अलावा अतिरिक्त अनुभव प्राप्त व्यक्तियों को भी शामिल करने का निर्देश दिया। कहा, कि मृतक आश्रितों की भर्ती कार्यवाही बेहतर व संवेदनापूर्ण तरीके से तय समय में पूरी की जाएं।
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ही देगा 10 हजार को नौकरी

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के चेयरमैन प्रवीर कुमार ने बताया कि आयोग 100 दिनों में एएनएम के 9212 पदों की मुख्य परीक्षा कराकर रिजल्ट घोषित कर देगा। हालांकि डाक्युमेंट वेरीफिकेशन इस अवधि में पूरा होना संभव नहीं है। एक पद के मुकाबले करीब दो गुना अभ्यर्थियों (18 हजार से ज्यादा) के डाक्युमेंट वेरीफिकेशन में ज्यादा समय लग सकता है। इसके अलावा कुछ भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया पूरी करते हुए फाइनल रिजल्ट दे दिए जाएंगे।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.