हरियाणा: CM के आवास का नाम होगा कबीर कुटी, रोहतक में संत कबीर दास जयंती समारोह में की घोषणा


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विपक्ष खामियों का विरोध करेगा तो अच्छा लगेगा। अब मेरे आवास का नाम कबीर कुटी होगा। सरकार ने हर वर्ग के उत्थान की योजनाएं चलाई हैं। गरीबों के उत्थान के लिए अंत्योदय योजना के सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। यह बात रविवार को हरियाणा के रोहतक में नई अनाज मंडी में संत कबीर दास की जयंती पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कही। 

वहीं, मंच पर कुर्सी तय न होने पर सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने विरोध स्वरूप मीडिया गैलरी में बैठकर कार्यक्रम देखा। एससी-ए आरक्षण की मांग को लेकर दर्शकदीर्घा में बैठे युवाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मुख्यमंत्री ने कहा भले ही कबीर पढ़े नहीं थे मगर उनका एक-एक दोहा जिंदगी की हकीकत को दर्शाते हुए ज्ञान वर्धन भी करता है।

प्रदेश सरकार ने कई योजनाएं चलाई हुई हैं ताकि गरीब व शोषितों का उत्थान हो सके। धानक समाज की प्रदेश में 1.42 लाख परिवार हैं। इन परिवारों के एक लाख 96 हजार 543 युवा पढ़ाई कर रहे हैं। ये बहुत अच्छी बात है कि युवा शिक्षित हो रहे हैं और आने वाले दिनों में नौकरी के हकदार भी होंगे। 

वहीं, मुख्यमंत्री के आगमन से पहले सांसद डॉ. अरविंद शर्मा मंच पर पहुंचे। मंच पर उनके नाम की कोई भी सीट आरक्षित नहीं दिखी तो वह करीब पांच मिनट कोने की कुर्सी पर बैठे और फिर मंच से उतर गए। सांसद लोगों से मिलते-मिलाते मीडिया गैलरी में आकर बैठ गए। इस दरमियान मुख्यमंत्री मंच पर आए और पूरा प्रोग्राम हुआ मगर वह मंच की तरफ नहीं गए।

सांसद ने कार्यक्रम देखने के दौरान कहा कि यह संत का प्रोग्राम है, इसलिए निमंत्रण की जरूरत नहीं है। इनको बतौर सांसद बड़प्पन दिखाना चाहिए। इज्जत और प्यार मांगा नहीं जाता बल्कि दिल से होता है। कई राज्यसभा सांसद व लोकसभा सांसद के अलावा भाजपा पदाधिकारी व पूर्व विधायकों के मंच पर होने के सवाल पर सांसद ने कहा कि मुझे किसी के निमंत्रण की जरूरत नहीं है। संत का प्रोग्राम पार्टी व भाजपा सरकार ने आयोजित किया है, इसलिए आया हूं। 

वहीं, एससी-ए (अनुसूचित जाति-ए) की व्यवस्था लागू कराने की मांग को लेकर दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों ने मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान नारेबाजी की। इसके बाद मुख्यमंत्री के लौटते समय भी नारेबाजी करते हुए लोगों ने अवरोधक तोड़ दिया। किसी तरह से पुलिस फोर्स ने इनको नियंत्रित किया।

नारेबाजी के बीच मुख्यमंत्री को रोकना पड़ा संबोधन 
एससी-ए (अनुसूचित जाति-ए) वर्ग बहाल करने मांग को लेकर राज्यस्तरीय संत कबीर जयंती कार्यक्रम में लोगों ने नारेबाजी कर दी। इस वजह से मुख्यमंत्री मनोहर लाल को करीब एक मिनट के लिए संबोधन रोकना पड़ा। यही नहीं, जब मुख्यमंत्री का काफिला निकला तब भी लोगों ने नारेबाजी की। 

रविवार को नई अनाज मंडी में मुख्यमंत्री कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, तभी कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। नारेबाजी करने वालों ने बताया कि कांग्रेस सरकार ने 2006 में एससी-ए वर्ग खत्म कर दिया था, जिसकी वजह से पात्र युवाओं की नौकरी नहीं लग पा रही है।

इसको लेकर मुख्यमंत्री से बात हुई मगर केवल आश्वासन के कुछ नहीं मिल रहा। लोगों की नारेबाजी तेज होने पर करीब एक मिनट के लिए मुख्यमंत्री को संबोधन रोकना पड़ा। संबोधन पूरा होने के बाद जब मुख्यमंत्री जाने लगे तो सुरक्षा में लगाए बैरियर पर एकजुट लोगों ने नारेबाजी करते हुए एससी-ए वर्ग बहाल करने की मांग की। वहीं, अचानक माहौल को देख मुख्यमंत्री का सुरक्षा घेरा एकदम सख्त कर लिया गया। काफिला गुजर जाने के बाद लोगों ने एक तरफ से बैरियर तोड़ दिया। 

गांव से आए लोगों से नहीं मिले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री से मिलने के लिए कुछ गांव के लोग एकजुट हुए। जब मुख्यमंत्री जाने लगे तो एकजुट लोगों में शामिल बुजुर्गों ने बात करने के लिए कहा मगर मुख्यमंत्री बिना बात किए रवाना हो गए।
 
बहन की शादी में नहीं दिया गया कन्यादान के लिए राशि
सैंपल गांव से आए सोनू ने विरोध करते हुए बताया कि उनकी बहन की शादी में कन्यादान के लिए सरकारी राशि नहीं मिली है। आरोप लगाया कि उसने फार्म भरकर उपायुक्त कार्यालय में जमा किया था। काफी चक्कर लगाने पर भी राशि नहीं मिली, जबकि बहन की शादी भी हो गई है। पिछले दिनों उपायुक्त कार्यालय में तैनात महिलाकर्मी ने उसे बताया कि कन्यादान राशि के लिए आवेदन ऑनलाइन करना होता है। इस पर सोनू ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन की बात उसी महिलाकर्मी ने कही, जिसने ऑफलाइन आवेदन जमा किया था। यदि ऐसी व्यवस्था थी, तो फॉर्म जमा करते समय क्यों नहीं बताया।

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विपक्ष खामियों का विरोध करेगा तो अच्छा लगेगा। अब मेरे आवास का नाम कबीर कुटी होगा। सरकार ने हर वर्ग के उत्थान की योजनाएं चलाई हैं। गरीबों के उत्थान के लिए अंत्योदय योजना के सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। यह बात रविवार को हरियाणा के रोहतक में नई अनाज मंडी में संत कबीर दास की जयंती पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कही। 

वहीं, मंच पर कुर्सी तय न होने पर सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने विरोध स्वरूप मीडिया गैलरी में बैठकर कार्यक्रम देखा। एससी-ए आरक्षण की मांग को लेकर दर्शकदीर्घा में बैठे युवाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मुख्यमंत्री ने कहा भले ही कबीर पढ़े नहीं थे मगर उनका एक-एक दोहा जिंदगी की हकीकत को दर्शाते हुए ज्ञान वर्धन भी करता है।

प्रदेश सरकार ने कई योजनाएं चलाई हुई हैं ताकि गरीब व शोषितों का उत्थान हो सके। धानक समाज की प्रदेश में 1.42 लाख परिवार हैं। इन परिवारों के एक लाख 96 हजार 543 युवा पढ़ाई कर रहे हैं। ये बहुत अच्छी बात है कि युवा शिक्षित हो रहे हैं और आने वाले दिनों में नौकरी के हकदार भी होंगे। 

वहीं, मुख्यमंत्री के आगमन से पहले सांसद डॉ. अरविंद शर्मा मंच पर पहुंचे। मंच पर उनके नाम की कोई भी सीट आरक्षित नहीं दिखी तो वह करीब पांच मिनट कोने की कुर्सी पर बैठे और फिर मंच से उतर गए। सांसद लोगों से मिलते-मिलाते मीडिया गैलरी में आकर बैठ गए। इस दरमियान मुख्यमंत्री मंच पर आए और पूरा प्रोग्राम हुआ मगर वह मंच की तरफ नहीं गए।

सांसद ने कार्यक्रम देखने के दौरान कहा कि यह संत का प्रोग्राम है, इसलिए निमंत्रण की जरूरत नहीं है। इनको बतौर सांसद बड़प्पन दिखाना चाहिए। इज्जत और प्यार मांगा नहीं जाता बल्कि दिल से होता है। कई राज्यसभा सांसद व लोकसभा सांसद के अलावा भाजपा पदाधिकारी व पूर्व विधायकों के मंच पर होने के सवाल पर सांसद ने कहा कि मुझे किसी के निमंत्रण की जरूरत नहीं है। संत का प्रोग्राम पार्टी व भाजपा सरकार ने आयोजित किया है, इसलिए आया हूं। 

वहीं, एससी-ए (अनुसूचित जाति-ए) की व्यवस्था लागू कराने की मांग को लेकर दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों ने मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान नारेबाजी की। इसके बाद मुख्यमंत्री के लौटते समय भी नारेबाजी करते हुए लोगों ने अवरोधक तोड़ दिया। किसी तरह से पुलिस फोर्स ने इनको नियंत्रित किया।

नारेबाजी के बीच मुख्यमंत्री को रोकना पड़ा संबोधन 

एससी-ए (अनुसूचित जाति-ए) वर्ग बहाल करने मांग को लेकर राज्यस्तरीय संत कबीर जयंती कार्यक्रम में लोगों ने नारेबाजी कर दी। इस वजह से मुख्यमंत्री मनोहर लाल को करीब एक मिनट के लिए संबोधन रोकना पड़ा। यही नहीं, जब मुख्यमंत्री का काफिला निकला तब भी लोगों ने नारेबाजी की। 

रविवार को नई अनाज मंडी में मुख्यमंत्री कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, तभी कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। नारेबाजी करने वालों ने बताया कि कांग्रेस सरकार ने 2006 में एससी-ए वर्ग खत्म कर दिया था, जिसकी वजह से पात्र युवाओं की नौकरी नहीं लग पा रही है।

इसको लेकर मुख्यमंत्री से बात हुई मगर केवल आश्वासन के कुछ नहीं मिल रहा। लोगों की नारेबाजी तेज होने पर करीब एक मिनट के लिए मुख्यमंत्री को संबोधन रोकना पड़ा। संबोधन पूरा होने के बाद जब मुख्यमंत्री जाने लगे तो सुरक्षा में लगाए बैरियर पर एकजुट लोगों ने नारेबाजी करते हुए एससी-ए वर्ग बहाल करने की मांग की। वहीं, अचानक माहौल को देख मुख्यमंत्री का सुरक्षा घेरा एकदम सख्त कर लिया गया। काफिला गुजर जाने के बाद लोगों ने एक तरफ से बैरियर तोड़ दिया। 

गांव से आए लोगों से नहीं मिले मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री से मिलने के लिए कुछ गांव के लोग एकजुट हुए। जब मुख्यमंत्री जाने लगे तो एकजुट लोगों में शामिल बुजुर्गों ने बात करने के लिए कहा मगर मुख्यमंत्री बिना बात किए रवाना हो गए।

 

बहन की शादी में नहीं दिया गया कन्यादान के लिए राशि

सैंपल गांव से आए सोनू ने विरोध करते हुए बताया कि उनकी बहन की शादी में कन्यादान के लिए सरकारी राशि नहीं मिली है। आरोप लगाया कि उसने फार्म भरकर उपायुक्त कार्यालय में जमा किया था। काफी चक्कर लगाने पर भी राशि नहीं मिली, जबकि बहन की शादी भी हो गई है। पिछले दिनों उपायुक्त कार्यालय में तैनात महिलाकर्मी ने उसे बताया कि कन्यादान राशि के लिए आवेदन ऑनलाइन करना होता है। इस पर सोनू ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन की बात उसी महिलाकर्मी ने कही, जिसने ऑफलाइन आवेदन जमा किया था। यदि ऐसी व्यवस्था थी, तो फॉर्म जमा करते समय क्यों नहीं बताया।



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