शेयर बाजार में डूबे 60 लाख तो ब्रोकर बना चोर: यू-ट्यूब से सीखा चोरी का तरीका, ऑनलाइन मंगाए औजार

सार

अपराधी लूट और चोरी को अंजाम देने के लिए यू-ट्यूब पर तरीके सीख रहे हैं। आगरा में एक गैंग ने इसी तरह से चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पहली ही चोरी में आरोपी पकड़े गए। गैंग का सरगना शेयर बाजार का ब्रोकर है।

ख़बर सुनें

हाथरस का शेयर ब्रोकर नवजोत सिंह उर्फ परमजीत सिंह उर्फ जॉनी के शेयर बाजार में 60 लाख रुपये डूब गए। इस पर आगरा में रहने लगा। उसने घाटे की भरपाई के लिए चोरी का प्लान बनाया। अपना गैंग बनाकर तीन सराफ की दुकानों को टारगेट किया। 

गैंग ने कमला नगर में श्रीराम चौक के पास शिवम ज्वैलर्स की दुकान में पहली चोरी की। 24 घंटे में नवजोत सिंह सहित तीन आरोपी पकड़े गए। उनसे दस किलोग्राम चांदी के जेवरात और चोरी करने के लिए लाए गए औजार बरामद किए गए हैं।

मंगलवार रात में की थी चोरी की वारदात

श्रीराम कांप्लेक्स में पुलिस पिकेट के पास मंगलवार रात को वारदात हुई थी। प्रशांत वर्मा की दुकान को निशाना बनाया गया था। चोर आठ लाख रुपये के चांदी के जेवरात चोरी करके ले गए थे। दुकान में घुसने से पहले बिजली काट दी थी। इससे सीसीटीवी कैमरे बंद हो गए थे। पुलिस ने अन्य कैमरों के फुटेज चेक किए। इसमें कुछ सुराग पुलिस को मिल गए।

एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए कमला नगर थाना के प्रभारी निरीक्षक उत्तम चंद पटेल के साथ अपराध खुफिया शाखा और स्वाट टीम को लगाया गया। इलाके में लगे 50 सीसीटीवी कैमरों को देखा। इसमें एक संदिग्ध कार नजर आई। उसका नंबर पुलिस को मिल गया।

गाड़ी कमला नगर के डी ब्लाक में रहने वाला नवजोत सिंह उर्फ परम जीत उर्फ जोनी चला रहा था। वह मूलरूप से हाथरस के गोकुलधाम का रहने वाला है। बीएससी पास है। यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। शेयर का भी काम करता है। पुलिस उसके घर पहुंच गई। 

उसके घर की तलाशी में दस किलोग्राम से अधिक चांदी के जेवरात, आर्टिफिशियल जेवरात, बड़ा कटर, सब्बल, एक प्लास्टिक सूटकेस मिला। सूटकेस में भी तीन कटर, एक सब्बल, ड्रिल मशीन, 26 ड्रिल मशीन बिट, छह ग्राइंडर ब्लेड, चार सूजा बड़े, 30 चाबियां बरामद हुए।

हाथरस में वारदात में नहीं हो पाए थे सफल

सीओ हरीपर्वत सत्य नरायन ने बताया कि आरोपी नवजोत सिंह ने पूछताछ में बताया कि वह यूपीएससी की तैयारी कर रहा है। इस दौरान शेयर का काम भी करने लगा। उसके 60 लाख रुपये शेयर बाजार में डूब गए। उस पर कर्ज हो गया। छह महीने से वह आगरा में किराये पर फ्लैट लेकर रह रहा था। उसने घाटे की भरपाई के लिए अपना गैंग बना लिया। 

अपने चचेरे भाई कमल सिंह को शामिल कर लिया। मनोज वैल्डिंग का काम करता है। उस पर भी मकान का कर्ज है। इसलिए वो भी शामिल हो गया। जनवरी में उन्होंने हाथरस में एक सराफ की दुकान में चोरी का प्रयास किया था। दुकान की दीवार तोड़कर घुसना चाहते थे, लेकिन सफल नहीं हो सके। इससे पहले अलीगढ़ में भी सराफ की दुकान में चोरी के लिए  रेकी थी। मगर, चोरी नहीं कर सके।

यू ट्यूब से सीखा, ऑनलाइन मंगाए औजार, किया रिहर्सल

एएसपी ने बताया कि नवजोत सिंह से पूछताछ की गई। उसने बताया कि वह अपने लैपटॉप पर यूट्यूब पर एक महीने से चोरी का तरीका सीख रहा था। इसके लिए शटर तोड़ने, ताला काटने आदि के बारे में जान रहा था। उसने 100 से अधिक वीडियो को देखा। यह भी पता किया कि चोरी में किन औजारों का प्रयोग करता है।

ड्रिल मशीन, कटर सहित अन्य उपकरण उसने ऑनलाइन मंगवा लिए थे। उसने वारदात में जो उपकरण प्रयोग किए थे, वह सभी नए थे। वारदात से पहले रिहर्सल भी किया। एक सप्ताह पहले शटर बनवाया था। उसे खींचने का अभ्यास किया था। घटना वाले दिन भी नवजोत सिंह अपनी कार से आया था। एक बार रात 11 बजे शटर तोड़कर गए। 

दोबारा तीन बजे चोरी करने आए थे। नवजोत सिंह ने अपने साथी हाथरस निवासी मनोज और चचेरे भाई अलीगढ़ निवासी कमल सिंह और एक अन्य के साथ वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने मनोज और कमल सिंह को भी गिरफ्तार किया है। मनोज बिजली मिस्त्री है। कमल सिंह बेल्डिंग मिस्त्री है। वह ड्रिल मशीन और कटर चला लेता है।

विस्तार

हाथरस का शेयर ब्रोकर नवजोत सिंह उर्फ परमजीत सिंह उर्फ जॉनी के शेयर बाजार में 60 लाख रुपये डूब गए। इस पर आगरा में रहने लगा। उसने घाटे की भरपाई के लिए चोरी का प्लान बनाया। अपना गैंग बनाकर तीन सराफ की दुकानों को टारगेट किया। 

गैंग ने कमला नगर में श्रीराम चौक के पास शिवम ज्वैलर्स की दुकान में पहली चोरी की। 24 घंटे में नवजोत सिंह सहित तीन आरोपी पकड़े गए। उनसे दस किलोग्राम चांदी के जेवरात और चोरी करने के लिए लाए गए औजार बरामद किए गए हैं।

मंगलवार रात में की थी चोरी की वारदात

श्रीराम कांप्लेक्स में पुलिस पिकेट के पास मंगलवार रात को वारदात हुई थी। प्रशांत वर्मा की दुकान को निशाना बनाया गया था। चोर आठ लाख रुपये के चांदी के जेवरात चोरी करके ले गए थे। दुकान में घुसने से पहले बिजली काट दी थी। इससे सीसीटीवी कैमरे बंद हो गए थे। पुलिस ने अन्य कैमरों के फुटेज चेक किए। इसमें कुछ सुराग पुलिस को मिल गए।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.