रोज 30 मिनट तक की गई एक्सरसाइज अवसाद के लक्षणों को कम करने में कारगर- स्टडी

Exercise reduces Depression: नियमित एक्सरसाइज केवल शरीर को स्वस्थ नहीं रखती, बल्कि ये आपको निराशा और अवसाद से भी बचा सकती है. अमेरिका की आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी (Iowa State University) के रिसर्चर्स की अगुआई में की गई स्टडी के अनुसार, आधे घंटे यानी 30 मिनट तक की गई एक्सरसाइज अवसाद यानी डिप्रेशन के लक्षणों को कम से कम 75 मिनट के लिए कम कर सकती है. इसके साथ ही ये इलाज से होने वाले फायदों में भी वृद्धि करती है. आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी (Iowa State University)  में काइनेसियोलॉजी (professor of kinesiology) के प्रोफेसर और इस स्टडी के मेन राइटर जैकब मेयेर (Jacob Meyer) ने बताया कि पहले मेंटल हेल्थ पर एक्सरसाइज के प्रभाव को लेकर कई स्टडी हो चुकी हैं. हम ये जानना चाहते थे कि एक दिन में एक्सरसाइज का एक सेशन डिप्रेशन के प्राथमिक लक्षणों को कैसे प्रभावित करता है.

पहली स्टडी के लिए रिसर्चर्स ने ऐसे 30 वयस्कों को लिया जो गंभीर अवसाद का सामना कर रहे थे. इस स्टडी के नतीजे  ‘फ्रंटियर्स इन साइकेट्री (Frontiers In Psychiatry)’ जर्नल में प्रकाशित हुए हैं.

यह भी पढ़ें-
अब प्लास्टिक वेस्ट को खत्म करना होगा आसान, वैज्ञानिकों ने खोजा नया तरीका- स्टडी

स्टडी में क्या निकला
इस दौरान साइकिल चलाने वालों में आधे घंटे की एक्सरसाइज से अवसाद की स्थिति में सुधार पाया गया. एक्सरसाइज के 75 मिनट बाद एनहेडोनिया (यानी, पहले की गई गतिविधियों से आनंद का अनुभव करने में कठिनाई) में हुआ सुधार कम होने लगा, लेकिन जिस ग्रुप ने एक्सरसाइज नहीं की थी, उसके मुकाबले एनहेडोनिया (anhedonia) का स्तर बेहतर मिला. प्रोफेसर मेयेर ने कहा कि इस भिन्नता को समझने के लिए और रिसर्च की जरूरत है. ये पता लगाने के लिए लंबी स्टडी की जरूरत है कि अवसाद और एनहेडोनिया कब शुरू होता है.

यह भी पढ़ें-
पोस्ट प्रेग्नेंसी नहीं ले पा रही हैं भरपूर नींद? सुकून से सोने के लिए यूं बनाएं डेली स्लीप रूटीन

रिसर्चर्स ने कहा कि स्टडी के नतीजे इशारा करते हैं कि एक्सरसाइज अवसाद वाले वयस्कों के लिए इलाज के फायदों (benefits of therapy) को बढ़ाने में मदद कर सकता है. प्रोफेसर मेयेर ने कहा, इतने छोटे समूह के साथ, हमने औपचारिक सांख्यिकीय परीक्षण (formal statistical testing) नहीं किया, लेकिन परिणाम आशाजनक हैं, कुल मिलाकर, पायलट स्टडी से पता चला कि लोग एक्सरसाइज में इंट्रस्ट रखते थे और वो आगे भी कंबाइंड एप्रोच के साथ रहेंगे, और ऐसा लगता है कि एक्सरसाइज का डिप्रेशन और थेरेपी मैकेनिज्म (mechanisms of therapy) पर कुछ प्रभाव पड़ा है.”

Tags: Health, Health News, Lifestyle

Source link

Leave a Reply