रहस्यमयी रोशनी का सच: भारतीय आसमान में धूं-धूं करके जला चीन का रॉकेट, उल्का पिंड समझकर घबरा गए लोग

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Sun, 03 Apr 2022 11:22 AM IST


सार

महाराष्ट्र के नागपुर, चंद्रपुर, अकोला व जलगांव  के अलावा मध्य प्रदेश के इंदौर, खरगौन, झाबुआ में कई जिलों में लोगों ने रात को आसमान में रहस्यमयी रोशनी देखने का दावा किया। इसके बाद लोगों में अफवाह फैल गई कि यह उल्का पिंडों की बारिश है।

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महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में रात के अंधेरे में एक रहस्यमयी रोशनी दिखाई दी। यह नजारा आसमान में दिखा, लोगों का कहना है कि उन्होंने कई चमकीली रेखाएं देखीं। इसके बाद कयास लगाए जाने लगे कि यह उल्का पिंडों की बारिश हो सकती है या फिर यह गिरता हुआ सैटेलाइट है। इस रहस्यमयी रोशनी को लोगों ने अपने कैमरे में भी कैद किया और सोशल मीडिया पर डाल दिया। हालांकि, वैज्ञानिकों का दावा है कि ये चीनी रॉकेट के अंश थे। 

दरअसल, महाराष्ट्र के नागपुर, चंद्रपुर, अकोला व जलगांव  के अलावा मध्य प्रदेश के इंदौर, खरगौन, झाबुआ में कई जिलों में लोगों ने रात को आसमान में रहस्यमयी रोशनी देखने का दावा किया। इसके बाद लोगों में अफवाह फैल गई कि यह उल्का पिंडों की बारिश है या फिर गिरता हुआ सैटेलाइट। हालांकि, अमेरिकी वैज्ञानिक जोनाथन मैकडॉवल ने ट्वीट कर बताया कि, यह चीन का रॉकेट चेंग झेन 3बी था। 

धरती पर फिर से दाखिल हो रहा चीनी रॉकेट?
अमेरिकी वैज्ञानिक ने बताया कि, चीनी रॉकेट धरती के वातावरण में फिर से दाखिल हो रहा था। इसे पिछले साल फरवरी में छोड़ा गया था। वापस धरती की तरफ गिरते हुए इसके कुछ हिस्से वातावरण में संपर्क में आने से जल उठे थे। उन्होंने कहा कि, मेरे अनुसार, ये चमकीली रेखाएं उसी के जलने से पैदा हुई थीं। 

नहीं हुआ कोई नुकसान
येओला के तहसीलदार प्रमोद हिले ने बताया कि, रात करीब 8 बजे आसमान में एक उल्कापिंड दिखाई दे रहा था। मैंने इसे खुद देखा। इसकी दिशा उत्तर से पूर्व की ओर थी। यह चार भागों में बंट गया। उन्हाेंने कहा कि, इससे कोई नुकसान नहीं हुआ है और डरने की कोई बात नहीं है। 

विस्तार

महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में रात के अंधेरे में एक रहस्यमयी रोशनी दिखाई दी। यह नजारा आसमान में दिखा, लोगों का कहना है कि उन्होंने कई चमकीली रेखाएं देखीं। इसके बाद कयास लगाए जाने लगे कि यह उल्का पिंडों की बारिश हो सकती है या फिर यह गिरता हुआ सैटेलाइट है। इस रहस्यमयी रोशनी को लोगों ने अपने कैमरे में भी कैद किया और सोशल मीडिया पर डाल दिया। हालांकि, वैज्ञानिकों का दावा है कि ये चीनी रॉकेट के अंश थे। 

दरअसल, महाराष्ट्र के नागपुर, चंद्रपुर, अकोला व जलगांव  के अलावा मध्य प्रदेश के इंदौर, खरगौन, झाबुआ में कई जिलों में लोगों ने रात को आसमान में रहस्यमयी रोशनी देखने का दावा किया। इसके बाद लोगों में अफवाह फैल गई कि यह उल्का पिंडों की बारिश है या फिर गिरता हुआ सैटेलाइट। हालांकि, अमेरिकी वैज्ञानिक जोनाथन मैकडॉवल ने ट्वीट कर बताया कि, यह चीन का रॉकेट चेंग झेन 3बी था। 

धरती पर फिर से दाखिल हो रहा चीनी रॉकेट?

अमेरिकी वैज्ञानिक ने बताया कि, चीनी रॉकेट धरती के वातावरण में फिर से दाखिल हो रहा था। इसे पिछले साल फरवरी में छोड़ा गया था। वापस धरती की तरफ गिरते हुए इसके कुछ हिस्से वातावरण में संपर्क में आने से जल उठे थे। उन्होंने कहा कि, मेरे अनुसार, ये चमकीली रेखाएं उसी के जलने से पैदा हुई थीं।

नहीं हुआ कोई नुकसान

येओला के तहसीलदार प्रमोद हिले ने बताया कि, रात करीब 8 बजे आसमान में एक उल्कापिंड दिखाई दे रहा था। मैंने इसे खुद देखा। इसकी दिशा उत्तर से पूर्व की ओर थी। यह चार भागों में बंट गया। उन्हाेंने कहा कि, इससे कोई नुकसान नहीं हुआ है और डरने की कोई बात नहीं है। 

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