यूपी: मायावती के इस कदम से दिलचस्प होगा आजमगढ़ का उपचुनाव, एक तीर से ओवैसी-अखिलेश पर साधा निशाना

सार

यूपी विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम उम्मीदवार शाह आलम (गुड्डू जमाली) ने असदुद्दीन ओवैसी का साथ छोड़ दिया है। उन्होंने  एक बार फिर से बसपा का दामन थाम लिया है।

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बहुजन समाज पार्टी (बसपा) छोड़कर एआईएमआईएम के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़े पूर्व विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने एक बार फिर से बसपा का दामन थाम लिया है। पार्टी  अध्यक्ष मायावती ने उन्हें आजमगढ़ लोकसभा सीट से उपचुनाव के लिए प्रत्याशी भी घोषित कर दिया है। अब उपचुनाव में वह आजमगढ़ सीट से बसपा का झंडा बुलंद करेंगे।

करहल से विधायक बनने के बाद अखिलेश यादव ने हाल में आजमगढ़ की सांसदी छोड़ी है। ऐसे में अब यहां लोकसभा उपचुनाव होना है। तारीख की घोषणा तो अभी नहीं हुई है लेकिन बसपा प्रमुख मायावती ने बड़ा दांव खेल दिया है। ऐसे में अब आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव दिलचस्प होने के आसार है। कारण ये कि विधानसभा चुनाव में जिले की सभी सीटों पर समाजवादी पार्टी गठबंधन की जीत हुई थी। 

समाजवादी पार्टी में जाने के लग रहे थे कयास 

मुबारकपुर विधानसभा सीट से 2012 और 2017 में बसपा के टिकट पर विधायक बने शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले बसपा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उनके समाजवादी पार्टी में जाने के कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन जब सपा ने विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया तो उन्होंने एआईएमआईएम के टिकट पर चुनाव लड़ा। हालांकि इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। लेकिन अब उन्होंने फिर से बसपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है।

पार्टी की ओर से उन्होंने अखिलेश यादव के आजमगढ़ लोकसभा सीट छोड़ने के बाद होने वाले उपचुनाव के लिए अपना प्रत्याशी भी घोषित कर दिया है। उनके पुनः बसपा में शामिल होने और आजमगढ़ लोकसभा से उपचुनाव का प्रत्याशी घोषित होने पर उनके समर्थकों में हर्ष व्याप्त है।

गुड्डू जमाली इसके पूर्व भी मुलायम सिंह यादव के खिलाफ आजमगढ़ लोकसभा सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। पूर्व विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने बताया कि उन्होंने फिर से घर वापसी कर ली है। पार्टी ने उन्हें आजमगढ़ सीट के लिए होने वाले उपचुनाव के लिए अपना प्रत्याशी भी घोषित कर दिया है।

यूपी विधानसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर सीट से शाह आलम गुड्डू जमाली ही एक मात्र ऐसे उम्मीदवार थे जो अपनी जमानत बचा पाए थे। गुड्डू जमाली चुनाव में  36419 वोट पाकर चौथे नंबर पर रहे थे।

शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली मूल रूप से आजमगढ़ के जमालपुर गांव के रहने वाले हैं। इनके पिता अधिवक्ता हैं।  शाह आलम ने प्रारंभिक शिक्षा आजमगढ़ से ग्रहण की उसके बाद जामिया मिलिया विश्वविद्यालय से बीकॉम की शिक्षा ग्रहण के बाद एमबीए किया।

पूर्वांचल कंस्ट्रक्शन कंपनी में यह बतौर एमडी कार्यरत हैं। पूर्वांचल कंस्ट्रक्शन कंपनी मुख्य रूप से रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ी हुई है। शाह के पास कुल 195 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसमें 187 करोड़ रुपये की चल संपत्ति है, जबकि 8.39 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है।

विस्तार

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) छोड़कर एआईएमआईएम के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़े पूर्व विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने एक बार फिर से बसपा का दामन थाम लिया है। पार्टी  अध्यक्ष मायावती ने उन्हें आजमगढ़ लोकसभा सीट से उपचुनाव के लिए प्रत्याशी भी घोषित कर दिया है। अब उपचुनाव में वह आजमगढ़ सीट से बसपा का झंडा बुलंद करेंगे।

करहल से विधायक बनने के बाद अखिलेश यादव ने हाल में आजमगढ़ की सांसदी छोड़ी है। ऐसे में अब यहां लोकसभा उपचुनाव होना है। तारीख की घोषणा तो अभी नहीं हुई है लेकिन बसपा प्रमुख मायावती ने बड़ा दांव खेल दिया है। ऐसे में अब आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव दिलचस्प होने के आसार है। कारण ये कि विधानसभा चुनाव में जिले की सभी सीटों पर समाजवादी पार्टी गठबंधन की जीत हुई थी। 

समाजवादी पार्टी में जाने के लग रहे थे कयास 

मुबारकपुर विधानसभा सीट से 2012 और 2017 में बसपा के टिकट पर विधायक बने शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले बसपा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उनके समाजवादी पार्टी में जाने के कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन जब सपा ने विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया तो उन्होंने एआईएमआईएम के टिकट पर चुनाव लड़ा। हालांकि इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। लेकिन अब उन्होंने फिर से बसपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है।

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