यूपी: अखिलेश के करीबी इत्र कारोबारी के प्रतिष्ठानों पर छापा, स्टेट जीएसटी की स्पेशल इंवेस्टीगेशन ब्रांच ने की कार्रवाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 30 Mar 2022 08:25 PM IST


सार

स्टेट जीएसटी की स्पेशल इंवेस्टीगेशन ब्रांच ने इत्र कारोबारी हाजी मोहम्मद रईस के ठिकानों पर छापा मारा। कारोबारी हाजी मोहम्मद रईस नगर पालिका के चेयरमैन रह चुके हैं।

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यूपी के कन्नौज जिले में स्टेट जीएसटी की स्पेशल इंवेस्टीगेशन ब्रांच ने बुधवार को सपा मुखिया अखिलेश यादव के करीबी इत्र कारोबारी हाजी मोहम्मद रईस के ठिकानों पर छापा मारा। कार्यालय और कारखानों को अपने कब्जे में लेकर दो फर्मों के दस्तावेजों और कंप्यूटरों की जांच की।

टीम को शक है कि कारोबारी ने फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हासिल किया है। शहर के हाजीगंज मोहल्ला निवासी कारोबारी हाजी मोहम्मद रईस नगर पालिका के चेयरमैन रह चुके हैं।

दोपहर के समय उनके आवास, कार्यालय और कारखाने पर स्टेट जीएसटी इटावा के ज्वाइंटर कमिश्नर हरिलाल प्रजापति के नेतृत्व में टीमों ने छापा मारा। अफसरों ने कारोबारी की दो फर्मों से जुड़े दस्तावेज, ऑर्डर बुक, स्टाक व माल सप्लाई के रजिस्टर खंगाले।

टीम को जानकारी मिली है कि कारोबारी अपनी दो फर्मों के नाम फर्जी कागज तैयार कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की बड़े पैमाने पर चोरी कर रहे हैं। फर्जी बिल बनाकर इत्र और कंपाउंड को कम दामों में दर्शाकर कई कंपनियों को बिक्री की जा रही है। ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि छानबीन चल रही है। कई अहम तथ्य सामने आए हैं। 

विस्तार

यूपी के कन्नौज जिले में स्टेट जीएसटी की स्पेशल इंवेस्टीगेशन ब्रांच ने बुधवार को सपा मुखिया अखिलेश यादव के करीबी इत्र कारोबारी हाजी मोहम्मद रईस के ठिकानों पर छापा मारा। कार्यालय और कारखानों को अपने कब्जे में लेकर दो फर्मों के दस्तावेजों और कंप्यूटरों की जांच की।

टीम को शक है कि कारोबारी ने फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हासिल किया है। शहर के हाजीगंज मोहल्ला निवासी कारोबारी हाजी मोहम्मद रईस नगर पालिका के चेयरमैन रह चुके हैं।

दोपहर के समय उनके आवास, कार्यालय और कारखाने पर स्टेट जीएसटी इटावा के ज्वाइंटर कमिश्नर हरिलाल प्रजापति के नेतृत्व में टीमों ने छापा मारा। अफसरों ने कारोबारी की दो फर्मों से जुड़े दस्तावेज, ऑर्डर बुक, स्टाक व माल सप्लाई के रजिस्टर खंगाले।

टीम को जानकारी मिली है कि कारोबारी अपनी दो फर्मों के नाम फर्जी कागज तैयार कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की बड़े पैमाने पर चोरी कर रहे हैं। फर्जी बिल बनाकर इत्र और कंपाउंड को कम दामों में दर्शाकर कई कंपनियों को बिक्री की जा रही है। ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि छानबीन चल रही है। कई अहम तथ्य सामने आए हैं। 

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