मौसम अपडेट: और सताएगी गर्मी, उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में सामान्य से अधिक रहेगा तापमान 

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 31 Mar 2022 10:32 PM IST


सार

मौसम कार्यालय ने कहा कि दूसरा हीट वेव 26 मार्च को शुरू हुआ और दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से पांच से नौ डिग्री अधिक रहने के साथ जारी है।

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मौसम कार्यालय ने गुरुवार को कहा कि उत्तर पश्चिम, मध्य भारत और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में अप्रैल में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत, देश के पूर्वी हिस्सों के कई भागों और पूर्वोत्तर के आसपास के इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य व सामान्य से कम रहने की संभावना है। भारत ने मार्च में दो हीट वेब (गर्म हवा) का अनुभव किया, पहली 11 मार्च से 21 मार्च के बीच जब अधिकतम तापमान सामान्य से पांच से 11 डिग्री ऊपर था। 

मौसम कार्यालय ने कहा कि दूसरा हीट वेव 26 मार्च को शुरू हुआ और दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से पांच से नौ डिग्री अधिक रहने के साथ जारी है। तटीय प्रायद्वीपीय क्षेत्रों को छोड़कर लगभग पूरे भारत में मार्च में कम वर्षा हुई। मार्च के लिए सामान्य वर्षा 39.3 मिमी है, जो 1961 और 2010 के बीच वर्षा की लंबी अवधि का औसत है। भारत में अप्रैल में लंबी अवधि के औसत (एलपीए) की सामान्य वर्षा होने की उम्मीद है।  

इसने कहा कि उत्तर पश्चिम और मध्य भारत और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अप्रैल में सामान्य से कम बारिश होने की उम्मीद है। मौसम कार्यालय ने कहा कि दक्षिण प्रायद्वीप के कई हिस्सों, मध्य भारत के पश्चिमी हिस्सों और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है।

विस्तार

मौसम कार्यालय ने गुरुवार को कहा कि उत्तर पश्चिम, मध्य भारत और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में अप्रैल में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत, देश के पूर्वी हिस्सों के कई भागों और पूर्वोत्तर के आसपास के इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य व सामान्य से कम रहने की संभावना है। भारत ने मार्च में दो हीट वेब (गर्म हवा) का अनुभव किया, पहली 11 मार्च से 21 मार्च के बीच जब अधिकतम तापमान सामान्य से पांच से 11 डिग्री ऊपर था। 

मौसम कार्यालय ने कहा कि दूसरा हीट वेव 26 मार्च को शुरू हुआ और दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से पांच से नौ डिग्री अधिक रहने के साथ जारी है। तटीय प्रायद्वीपीय क्षेत्रों को छोड़कर लगभग पूरे भारत में मार्च में कम वर्षा हुई। मार्च के लिए सामान्य वर्षा 39.3 मिमी है, जो 1961 और 2010 के बीच वर्षा की लंबी अवधि का औसत है। भारत में अप्रैल में लंबी अवधि के औसत (एलपीए) की सामान्य वर्षा होने की उम्मीद है।

इसने कहा कि उत्तर पश्चिम और मध्य भारत और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अप्रैल में सामान्य से कम बारिश होने की उम्मीद है। मौसम कार्यालय ने कहा कि दक्षिण प्रायद्वीप के कई हिस्सों, मध्य भारत के पश्चिमी हिस्सों और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है।

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