“मेरा मकसद भारत को दुनिया का नंबर वन देश बनाने है”, हर हाथ तिरंगा कार्यक्रम में बोले CM केजरीवाल


नई दिल्ली:

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने रविवार को कहा कि मेरा मकसद भारत को विश्व में नंबर वन देश बनाने का है. और मैं जानता हूं कि देश की 130 करोड़ की आबादी मेरे इस मकसद में मेरा साथ जरूर देगी. केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने ये बात दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में आयोजित हर हाथ तिरंगा कार्यक्रम के दौरान कही. उन्होंने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भीम राव अंबेडकर और शहीद भगत सिंह जैसे स्वतंत्रता सेनानियों को भी याद किया. उन्होंने (Arvind Kejriwal) कहा कि पूरा देश अभी देशभक्ति की लहर में डूबा है. हर जगह कार्यक्रम हो रहे हैं. यह समय है उन शहीदों को याद करने का, जिनकी शहादत और संघर्ष से हमें आजादी मिली.

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यह उनके सपनों को याद करने का समय है, जिनके कारण हमें आज़ादी मिली. मैं (Arvind Kejriwal) खासकर दो स्वतंत्रता सेनानियों का जिक्र करना चाहूंगा, एक अंबेडकर और दूसरे शहीद भगत सिंह. अंबेडकर जी, जिन्होंने पूरी ज़िंदगी संघर्ष किया. वो एक गरीब परिवार से निकले, आजादी के लिए लड़े और दबे कुचले और पिछडे़ वर्ग को हक दिलाने के लिए लड़े. दो-दो डॉक्टरेट किया और दुनिया का बेहतरीन संविधान दिया. आज हम जिस तरह का भारत देख रहे हैं, जिसमें लोगों के पास बराबरी का अधिकार है, फंडामेंटल राइट्स मिले यह उन्हीं की वजह से है. एक और स्वतंत्रता सेनानी हुए जिनका नाम था भगत सिंह थे. 23 साल की उम्र में कोई इंजीनियरिंग कर रहा होता है, कोई गर्लफ्रेंड ढूंढ रहा होता है, लेकिन 23 साल की उम्र में उन्होंने देश के लिए कुर्बानी दी. 

उन्होंने (Arvind Kejriwal) आगे कहा कि आज पूरी दिल्ली में हमने 500 तिरंगे लगाए हैं. दिल्ली आज तिरंगों का शहर बन गई है, देशभर में सबसे ज्यादा तिरंगे यहां हैं. आज यहां आते हुए उनमें से मुझे 9 तिरंगे दिखे. हमारा यही मकसद था. हम रोजमर्रा की जिंदगी में देश को भूल जाते हैं. लेकिन दिल्ली आपको भूलने नहीं देगी.

आज दिल्ली में 25 लाख बच्चों को तिरंगे बांटे गए हैं. 100 जगह कार्यक्रम चल रहे हैं. 75 साल की आजादी के इस मौके पर एक प्रश्न मन में उठता है. हमने 75 साल में काफी प्रगति की, लेकिन कई देश भारत से आगे निकल गए. सिंगापुर हमसे 15 साल बाद आज़ाद हुआ, जापान द्वितीय विश्व युद्ध में बर्बाद हो गया था, जर्मनी भी तहस नहस हो गया था, लेकिन सब हमसे आगे निकल गए. भारत के लोग दुनिया मे सबसे इंटेलिजेंट और मेहनती हैं फिर भी हम पीछे क्यों रह गए. 



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