मिलिए उस युवा उद्यमी से जो स्वीट रेवोलुशन लाने में कर रहा है मदद, PM मोदी ने भी की तारीफ

लखनऊ. बहुचर्चित मन की बात कार्यक्रम में निमित सिंह की कहानी आने के बाद से उनके फोन की घंटियां लगातार बज रही हैं. PM मोदी द्वारा राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन के बारे में बात करते हुए निमित सिंह के स्टार्ट अप ‘मधुमक्खीवाला’ के बारे में चर्चा की गई. PM मोदी ने बताया कि कैसे निमित ने अपने उद्यम ‘मधुमक्खीवाला’ के माध्यम से न केवल आजीविका के साधन के रूप में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दिया है बल्कि वह किसानों को अपनी कंपनी में शामिल करके उन्हें सशक्त भी बना रहे हैं.

निमित सिंह ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद पिता की सलाह पर मधुमक्खी पालन शुरू किया था. इससे पहले, वह खेती के तरीकों का अध्ययन करने के लिए पूरे भारत में घूमते रहे थे और इस दौरान उनकी मधुमक्खी पालन में गहरी रुचि विकसित हुई. रूचि बढ़ने के बाद निमित ने 2013 में लखनऊ में ‘मधुमक्खीवाला’ की शुरुआत की. शुरुआती दिनों में निमित को खूब परेशानियों का सामना करना पड़ा था. पहले दो वर्षों में अधिक सफलता नहीं मिलने के बाद उन्होंने मधुमक्खी के उत्पादन और बिजनेस को अलग करने का फैसला किया.

न्यूज़ 18 से बातचीत में निमित ने बताया कि कैसे उन्होंने किसानों को इस मुहिम में शामिल कर उनको मधुमक्खी पालन के गुर सिखाये थे. निमित सिंह के अनुसार उन्होंने किसानों को मधुमक्खी के डिब्बे और शहद बनाने के लिए आवश्यक सभी चीजें उपलब्ध कराई थीं. उसके बाद, शहद को बाराबंकी में स्थित उनके कारखाने में फ़िल्टर और पैक करने के लिए ले जाया जाता था.

आज निमित की कंपनी के साथ विभिन्न राज्यों के 500 मधुमक्खी किसान सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले शहद का उत्पादन कर रहे हैं.

किसानों को दी ट्रेनिंग
नई कंपनी होने के कारण कई बड़े और अनुभवी किसान निमित सिंह के साथ जुड़कर काम करने से हिचक रहे थे. निमित ने इसके बाद नए किसानों को खुद से परीक्षण दिया और उनसे मधुमक्खी पालन कराया. शहद की गुणवत्ता बनाये रखने के लिए भी निमित ने एक नियम बनाया था. नियम के अनुसार किसान को अपनी उपज का एक हिस्सा उन्हें खुद बेचना होता है. उदाहरण के लिए, यदि एक किसान शहद के 100 जार पैदा करता है, तो उसे उनमें से 20 को बेचना होगा. इससे यह सुनिश्चित होता है कि किसान ने शहद अच्छी गुणवत्ता के साथ तैयार किया है क्योंकि उसे खुद भी उस शहद को बेचकर दिखाना पड़ेगा.

मधुमक्खी पालन के लिए केंद्र की स्कीम
निमित की कहानी ऐसे समय में सामने आई है जब केंद्र सरकार ने मधुमक्खी पालन के समग्र प्रचार और विकास के लिए ‘राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन (NBHM)’ योजना को मंजूरी दी है. इस योजना का उद्देश्य मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण पर जोर देकर देश में ‘स्वीट रेवोलुशन’ लाना है.

ग्रामीणों को दिया रोजगार
निमित ने न सिर्फ किसानों को मधुमक्खी पालन में लगाकर उनकी आय को बढ़ाने का प्रयास किया है बल्कि ग्रामीणों को भी रोजगार उपलब्ध कराया है. उन्होंने जिला प्रशासन और गैर सरकारी संगठनों के सहयोग से चैनपुरवा गांव के परिवारों को मोम के दीये बनाने के कार्यों में लगा दिया है जो पहले अवैध शराब का धंधा कर अपना पेट पाल रहे थे. निमित ने बताया कि पहली दीवाली के दौरान, उन्होंने लखनऊ में लगभग 12 लाख मोम के दीये बेचे थे.

Tags: Man Ki Baat

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.