दिल्ली, यूपी समेत चार राज्यों का करार : एनसीआर में यात्री वाहनों की होगी निर्बाध आवाजाही

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 26 Mar 2022 05:48 AM IST


सार

इसके तहत राज्य निगमों के परिवहन वाहनों के लिए एकल बिंदु कराधान की व्यवस्था होगी। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में यात्री वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सरकारों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत राज्य निगमों के परिवहन वाहनों के लिए एकल बिंदु कराधान की व्यवस्था होगी। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

इस समझौते से बसों और शैक्षणिक संस्थानों के अन्य वाहनों को सड़क कर समेत करों में राहत दी गई है। मंत्रालय ने बताया कि एनसीआर के राज्यों ने स्वच्छ एनसीआर के व्यापक हित में ऐसे राजस्वों को त्यागने का फैसला किया है।

बयान में कहा गया है कि इससे करीब 100 करोड़ रुपये के राजस्व का सालाना नुकसान होगा, इसलिए चार राज्यों ने अनुबंध वाहन (कॉन्ट्रैक्ट कैरिज) और छह से अधिक यात्रियों को ले जाने वाले वाहन (स्टेज कैरिज) को शामिल करते हुए एक संयुक्त पारस्परिक साझा परिवहन समझौते (सीआरसीटीए) पर हस्ताक्षर किए हैं, क्योंकि पूर्व में हुए समझौते की समय सीमा समाप्त हो रही है।

सीआरसीटीए तत्काल प्रभाव से अमल में आ गया है और सभी शैक्षणिक संस्थानों के वाहन और एनसीआर राज्यों के राज्य परिवहन की सभी स्टेज कैरिज बसें इसके तहत आएंगी।  एजेंसी

सीआरसीटीए की खासियत

  • यह करार भारी ट्रैफिक को कम करने और वायु प्रदूषण में कमी लाने के लिए अंतर शहरी बसों के उपक्रम वाले राज्य परिवहन के व्यापक सार्वजनिक परिवहन वाहनों के लिए एकल बिंदु कराधान की सुविधा भी प्रदान करता है। समझौते के अनुसार, अस्थायी परमिट/लाइसेंस (अनुबंध कैरिज और स्टेज कैरिज, जैसा लागू हो) सहित सभी परमिट/लाइसेंस केवल वाहन सॉफ्टवेयर पर जारी किए जाएंगे।
  • स्टेज कैरिज वाहनों के साथ-साथ अनुबंध कैरिज वाहनों की उम्र डीजल वाहनों के लिए 10 वर्ष और पेट्रोल/सीएनजी वाहनों के लिए 15 साल तक सीमित होगी जब तक कि इस संबंध में कोई और निर्देश जारी नहीं किया जाता है।
  • सभी सार्वजनिक सेवा वाहनों (एमओआरटीएच द्वारा विशेष रूप से छूट प्राप्त को छोड़कर) में अनिवार्य रूप से वाहन स्थान ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) और एक या अधिक आपातकालीन बटनों को एमओआरटीएच अधिसूचनाओं का पालन करने के लिए लगाया जाएगा।
  • सीआरसीटीए तत्काल प्रभाव से लागू होगा और यात्री वाहनों की निर्बाध आवाजाही के लिए 10 वर्षों वैध होगा। पूर्व के अलग-अलग आरसीटीए पर आधारित एनसीआर में यात्री वाहनों के लिए स्टेज और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज संयुक्त आरसीटीए इन दो श्रेणियों के लिए है और एनसीआर में निर्बाध यात्री परिवहन की सुविधा के लिए इसे और आगे ले जाता है।

विस्तार

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में यात्री वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सरकारों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत राज्य निगमों के परिवहन वाहनों के लिए एकल बिंदु कराधान की व्यवस्था होगी। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

इस समझौते से बसों और शैक्षणिक संस्थानों के अन्य वाहनों को सड़क कर समेत करों में राहत दी गई है। मंत्रालय ने बताया कि एनसीआर के राज्यों ने स्वच्छ एनसीआर के व्यापक हित में ऐसे राजस्वों को त्यागने का फैसला किया है।

बयान में कहा गया है कि इससे करीब 100 करोड़ रुपये के राजस्व का सालाना नुकसान होगा, इसलिए चार राज्यों ने अनुबंध वाहन (कॉन्ट्रैक्ट कैरिज) और छह से अधिक यात्रियों को ले जाने वाले वाहन (स्टेज कैरिज) को शामिल करते हुए एक संयुक्त पारस्परिक साझा परिवहन समझौते (सीआरसीटीए) पर हस्ताक्षर किए हैं, क्योंकि पूर्व में हुए समझौते की समय सीमा समाप्त हो रही है।

सीआरसीटीए तत्काल प्रभाव से अमल में आ गया है और सभी शैक्षणिक संस्थानों के वाहन और एनसीआर राज्यों के राज्य परिवहन की सभी स्टेज कैरिज बसें इसके तहत आएंगी।  एजेंसी

सीआरसीटीए की खासियत

  • यह करार भारी ट्रैफिक को कम करने और वायु प्रदूषण में कमी लाने के लिए अंतर शहरी बसों के उपक्रम वाले राज्य परिवहन के व्यापक सार्वजनिक परिवहन वाहनों के लिए एकल बिंदु कराधान की सुविधा भी प्रदान करता है। समझौते के अनुसार, अस्थायी परमिट/लाइसेंस (अनुबंध कैरिज और स्टेज कैरिज, जैसा लागू हो) सहित सभी परमिट/लाइसेंस केवल वाहन सॉफ्टवेयर पर जारी किए जाएंगे।
  • स्टेज कैरिज वाहनों के साथ-साथ अनुबंध कैरिज वाहनों की उम्र डीजल वाहनों के लिए 10 वर्ष और पेट्रोल/सीएनजी वाहनों के लिए 15 साल तक सीमित होगी जब तक कि इस संबंध में कोई और निर्देश जारी नहीं किया जाता है।
  • सभी सार्वजनिक सेवा वाहनों (एमओआरटीएच द्वारा विशेष रूप से छूट प्राप्त को छोड़कर) में अनिवार्य रूप से वाहन स्थान ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) और एक या अधिक आपातकालीन बटनों को एमओआरटीएच अधिसूचनाओं का पालन करने के लिए लगाया जाएगा।
  • सीआरसीटीए तत्काल प्रभाव से लागू होगा और यात्री वाहनों की निर्बाध आवाजाही के लिए 10 वर्षों वैध होगा। पूर्व के अलग-अलग आरसीटीए पर आधारित एनसीआर में यात्री वाहनों के लिए स्टेज और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज संयुक्त आरसीटीए इन दो श्रेणियों के लिए है और एनसीआर में निर्बाध यात्री परिवहन की सुविधा के लिए इसे और आगे ले जाता है।

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