थॉमस कप में भारत की ऐतिहासिक जीत में व्हाट्सअप ग्रुप ने कैसे निभाई अहम भूमिका? एचएस प्रणय ने किया खुलासा

नई दिल्ली. इंग्लैंड फुटबॉल टीम के प्रशंसक पिछले 22 साल से विश्व खिताब की तलाश में ‘इट्स कमिंग होम’ (यह घर आ रहा है) गीत गा रहे हैं जिसे सबसे पहले यूरो 1996 की मेजबानी के जश्न के तौर पर लिखा गया था और अब यह गीत उनकी उम्मीदों का प्रतीक बन गया है. इंग्लैंड के प्रशंसकों को उम्मीद थी कि गैरी लिनेकर एक दिन खिताब जीतेंगे. ऐसा कभी नहीं हुआ. उन्होंने सोचा कि अगर लिनेकर नहीं कर पाए तो पॉल गेसकोइने, डेविड बैकहम या माइकल ओवेन या हैरी केन ऐसा करेंगे लेकिन तब से इंग्लैंड का कोई कप्तान अपनी टीम को विश्व खिताब नहीं दिला पाया और यह गीत उम्मीद की किरण बनकर ही रह गया है.

लेकिन किसे पता था कि भारत के बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए यह गीत थॉमस कप में खिताबी जीत के दौरान प्रेरणा का काम करेगा. भारत के 10 बैडमिंटन खिलाड़ियों का एक व्हाट्सअप ग्रुप बनाया गया जिसे ‘ग्रुप एडमिन’ ने ‘इट्स कमिंग होम’ नाम दिया. इसके पीछे भारतीय टीम को मलेशिया और डेनमार्क के खिलाफ नॉकआउट में वापसी दिलाते हुए जीत दिलाने वाले एचएस प्रणय की भूमिका थी.

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‘इतिहास रच दिया…’ थॉमस कप बैडमिंटन में ऐतिहासिक जीत से भारत में खुशी की लहर

बैंकॉक के इंपैक्ट एरेना में रविवार को टीम इंडिया ने अपना प्रभाव दिखाया और टीम संस्कृति ने निश्चित तौर पर अपनी भूमिका निभाई और भारत इतिहास में पहली बार थॉमस कप का खिताब जीतने में सफल रहा. प्रणय ने कहा, ‘इस हफ्ते जिस तरह सभी खिलाड़ी एकजुट हुए….हमने ऐसा करने का सचेत प्रयास किया क्योंकि हमें पता था कि यह सामान्य बात नहीं है. हम व्यक्तिगत स्पर्धाओं में खेलते हैं और यहां आकर एकजुट होना मुश्किल था लेकिन हमने इसके लिए पूरा प्रयास किया.’

विश्व की इस सबसे प्रतिष्ठित टीम चैंपियनशिप में सफलता के पीछे आत्मविश्वास था जो खिलाड़ियों के एक साथ समय बिताने के साथ मजबूत होता चला गया. प्रणय ने कहा, ‘जिस दिन हैदराबाद से रवाना हुए हमने टीम बैठक की और कहा कि हमारे पास खिताब के लिए चुनौती पेश करने वाली टीम है. हमें बस एक दूसरे का समर्थन करना है और इससे पूरे टूर्नामेंट में नतीजे बदलेंगे और ऐसा ही हुआ.’

इस प्रयास के तहत टीम के सबसे सीनियर सदस्य प्रणय ने सबसे पहले एक व्हाट्सअप ग्रुप बनाया और इसे इंग्लैंड फुटबॉल प्रशंसकों के बेहद लोकप्रिय गीत ‘इट्स कमिंग होम’ का नाम दिया. भारतीय कोच सियादुताल्लाह ने बैंकॉक से कहा, ‘खिलाड़ियों ने एकजुट होने और एक दूसरे का समर्थन करने का प्रयास किया जिसका मतलब था कि एक साथ चीजें करना, जैसे हैदराबाद से रवाना होते हुए हवाई अड्डे पर एक जैसी पोशाक पहनना, समूह के रूप में अभ्यास करना, एक साथ नाश्ता, दोपहर भोज और रात्रि भोज करना, एक साथ मजे करना, इन सभी चीजों से मदद मिली.’

उन्होंने कहा, ‘आपस में संवाद के लिए व्हाट्सअप ग्रुप बनाया गया जहां वे कुछ भी साझा कर सकते थे. उन्होंने मैच के बाद डांस किया, एक दूसरे की सफलता का लुत्फ उठाया और इन सभी चीजों से आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिली.’

Tags: HS Prannoy, Kidambi Srikanth, Lakshya Sen, Thomas Cup

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