उपग्रह तस्वीरों में खुलासा : चीन कर रहा एंटी-शिप मिसाइलों का परीक्षण, शिनजियांग के रेगिस्तान में पूर्वी किनारे पर दिखे टारगेट रेंज


सार

रक्षा विश्लेषक डेमियन सिमंस ने बताया कि चीनी लक्ष्यों की रूपरेखा बेहद सटीक है। यह ओरिएंटेशन्स, शेप्स और साइज कई लक्ष्यों के अनुरूप हैं। उन्होंने कहा, ऐसा लगता है कि जमीन पर धातु की चादरें बिछाई गई हैं। ये एक अलग तरह की सामग्री है, जो गर्मी या राडार को अलग तरह से प्रतिबिंबित कर सकती है।

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उपग्रह तस्वीरों में खुलासा हुआ है कि चीन शिनजियांग के रेगिस्तानी ग्रामीण इलाके तकलामाकन में जहाज-रोधी (एंटी शिप) बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण कर रहा है। तस्वीरों में बड़े पैमाने पर टारगेट रेंज देखे गए जो रेगिस्तान के पूर्वी किनारे पर हैं। 

अमेरिकी नौसेना संस्थान के मुताबिक, ये हाइपरसोनिक मिसाइलें युद्धपोतों के लिए एक बड़ा खतरा हैं। तस्वीरों से इस साइट पर मिसाइल परीक्षण के पक्के सुबूत मिले हैं। चीन इससे पहले भी ऐसे परीक्षण कर चुका है जिनमें डीएफ-21 डी और डीएफ-26 भूमि आधारित हैं।

इसके अलावा एच-6 बॉम्बर है और अब इस बात की पुष्टि हुई है कि उसने टाइप-055 रेन्हाई का भी परीक्षण किया है। रक्षा विश्लेषक डेमियन सिमंस के मुताबिक, एयरक्राफ्ट कैरियर टारगेट्स पर किए गए शोध में पता चला है कि चीनी सेना इन दूर के इलाको में नए लक्ष्यों पर संभावित भविष्य के संघर्षों से निपटने के लिए सैन्य अभ्यास कर रही है।

जटिल संकेत मिले
रक्षा विश्लेषक डेमियन सिमंस ने बताया कि चीनी लक्ष्यों की रूपरेखा बेहद सटीक है। यह ओरिएंटेशन्स, शेप्स और साइज कई लक्ष्यों के अनुरूप हैं। उन्होंने कहा, ऐसा लगता है कि जमीन पर धातु की चादरें बिछाई गई हैं। ये एक अलग तरह की सामग्री है, जो गर्मी या राडार को अलग तरह से प्रतिबिंबित कर सकती है। इससे हमें इन प्रयोगों के पीछे की जटिल प्रणालियों और प्रयासों का संकेत भी मिलते हैं।

विस्तार

उपग्रह तस्वीरों में खुलासा हुआ है कि चीन शिनजियांग के रेगिस्तानी ग्रामीण इलाके तकलामाकन में जहाज-रोधी (एंटी शिप) बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण कर रहा है। तस्वीरों में बड़े पैमाने पर टारगेट रेंज देखे गए जो रेगिस्तान के पूर्वी किनारे पर हैं। 

अमेरिकी नौसेना संस्थान के मुताबिक, ये हाइपरसोनिक मिसाइलें युद्धपोतों के लिए एक बड़ा खतरा हैं। तस्वीरों से इस साइट पर मिसाइल परीक्षण के पक्के सुबूत मिले हैं। चीन इससे पहले भी ऐसे परीक्षण कर चुका है जिनमें डीएफ-21 डी और डीएफ-26 भूमि आधारित हैं।

इसके अलावा एच-6 बॉम्बर है और अब इस बात की पुष्टि हुई है कि उसने टाइप-055 रेन्हाई का भी परीक्षण किया है। रक्षा विश्लेषक डेमियन सिमंस के मुताबिक, एयरक्राफ्ट कैरियर टारगेट्स पर किए गए शोध में पता चला है कि चीनी सेना इन दूर के इलाको में नए लक्ष्यों पर संभावित भविष्य के संघर्षों से निपटने के लिए सैन्य अभ्यास कर रही है।

जटिल संकेत मिले

रक्षा विश्लेषक डेमियन सिमंस ने बताया कि चीनी लक्ष्यों की रूपरेखा बेहद सटीक है। यह ओरिएंटेशन्स, शेप्स और साइज कई लक्ष्यों के अनुरूप हैं। उन्होंने कहा, ऐसा लगता है कि जमीन पर धातु की चादरें बिछाई गई हैं। ये एक अलग तरह की सामग्री है, जो गर्मी या राडार को अलग तरह से प्रतिबिंबित कर सकती है। इससे हमें इन प्रयोगों के पीछे की जटिल प्रणालियों और प्रयासों का संकेत भी मिलते हैं।



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