आगरा में जमा हुआ 4200 करोड़ रुपये का टैक्स: आयकर रिटर्न, नगर निगम की वेबसाइट कई बार हुई बंद, करदाता हुए परेशान

सार

वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 31 मार्च को अपना टैक्स जमा कराने वालों की सभी विभागों में भीड़ लगी रही। कई बार वेबसाइट भी बंद हो गई, जिससे करदाताओं को परेशानी हुई।

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31 मार्च को खत्म हुए वित्तीय वर्ष 2021-22 में कोरोना की दूसरी और तीसरी लहर के बाद भी खूब टैक्स जमा हुआ। आगरा में आयकर, जीएसटी, हाउस टैक्स, वाटर टैक्स में कुल 4200 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में जमा कराए गए। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 31 मार्च को अपना टैक्स जमा कराने वालों की सभी विभागों में भीड़ लगी रही। आखिरी दिन आयकर विभाग की वेबसाइट रिटर्न दाखिल करने के दौरान कई बार बंद हुई तो यही हाल नगर निगम की वेबसाइट और जीएसटी की वेबसाइट का रहा। टैक्स जमा करने के लिए लोग काउंटर पर लंबी लंबी कतारों में लगे।

तीन माह से जीएसटी का कलेक्शन रिकार्ड तोड़ होने का असर मार्च में भी नजर आया। पूरे साल आगरा कमिश्नरेट कार्यालय पर सेंट्रल जीएसटी 1250 करोड़ रुपये जमा किया गया, जबकि स्टेट जीएसटी 31 मार्च तक 1795 करोड़ रुपये जमा किया गया। बीते साल के मुकाबले यह 20 फीसदी से ज्यादा है। जीएसटी के साथ ही आयकर का लक्ष्य भी पूरा हो गया।

आगरा आयकर कार्यालय में 1000 करोड़ रुपये आयकर जमा किया गया। कोरोना काल में लॉकडाउन और फैक्टरियों में उत्पादन में आई कमी के बाद भी आयकर और जीएसटी ने लक्ष्य पूरे किए। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त जयंत मिश्रा ने बताया कि आगरा आयकर कार्यालय ने अपना लक्ष्य पूरा कर लिया है। रिटर्न के अंतिम आंकड़े आने बाकी हैं। तब स्थिति और स्पष्ट हो पाएगी।

आंकड़े 
1795 करोड़ रुपये जमा हुआ स्टेट जीएसटी
1250 करोड़ रुपये जमा हुआ सीजीएसटी
1000 करोड़ के पार हुआ आयकर संग्रह
70 करोड़ रुपये गृहकर जमा हुआ
60 करोड़ रुपये हुए वाटर टैक्स में जमा
21 करोड़ रुपये प्रवर्तन ने जमा कराए

19 करोड़ संपत्ति कर, ओटीएस में आठ करोड़ जमा

दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को नगर निगम की एकमुश्त समाधान योजना का जबरदस्त फायदा मिला। जिले में सबसे ज्यादा और सबसे बड़ी छूट दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को मिली। डीवीवीएनएल का 19 करोड़ रुपये संपत्ति कर का बिल नगर निगम ने भेजा था, पर एकमुश्त समाधान योजना में बकाए पर ब्याज में छूट से केवल आठ करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ा।

11 करोड़ रुपये ब्याज की छूट दक्षिणांचल को मिल गई। डीवीवीएनएल के एमडी अमित किशोर ने नगर निगम के छत्ता जोन प्रभारी विजय कुमार और टैक्स अधीक्षक धर्मवीर सिंह को आठ करोड़ रुपये टैक्स जमा करने का चेक सौंपा।

 छत्ता जोन रहा अव्वल, हरीपवर्त दूसरे स्थान पर

नगर निगम के चार जोन में छत्ता जोन संपत्ति और गृहकर जमा करने में अव्वल साबित हुआ। 31 मार्च की रात तक गृहकर जमा करने में छत्ता जोन की टीमें सबसे आगे रहीं और लक्ष्य को हासिल किया। हरीपर्वत, छत्ता, ताजगंज और लोहामंडी जोन को 100 करोड़ का गृहकर जमा करने का लक्ष्य दिया गया था, पर नगर निगम के अधिकारी 70 करोड़ तक ही टैक्स जमा करा सके।
90 हजार से ज्यादा करदाताओं ने गृहकर जमा किया। इनमें छत्ता जोन ने 22 करोड़ के लक्ष्य के अनुरूप पूरे 22 करोड़ रुपये जमा कराए, जबकि हरीपर्वत ने 33 करोड़ की तुलना में 24 करोड़, ताजगंज ने 21 करोड़ की अपेक्षा 14 करोड़ और लोहामंडी जोन 24 करोड़ के लक्ष्य के उलट केवल 10 करोड़ रुपये जमा कर सका।

नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने बताया कि टैक्स में छूट को जोड़ दें तो निगम ने 130 करोड़ से ज्यादा का बकाया टैक्स वसूला है, पर ओटीएस के कारण ब्याज घटने से 70 करोड़ रुपये तक टैक्स जमा हुआ है। कई चेक का भुगतान होना है। ऐसे में धनराशि बढ़ सकती है।

60 करोड़ रुपये जमा हुआ वाटर टैक्स

जलकल विभाग ने जनवरी में एकमुश्त समाधान योजना लांच की, लेकिन नगर निगम की तुलना में जलकर, सीवर कर और जलमूल्य में अच्छी रिकवरी की। जलकल विभाग ने 31 मार्च तक 60 करोड़ रुपये जमा कराए। इसमें एकमुश्त समाधान योजना के तहत टैक्स ज्यादा जमा हुआ है।

बीते तीन माह में टैक्स की रिकवरी ज्यादा हुई, जबकि मार्च से दिसंबर के बीच विभाग को 15 फीसदी टैक्स भी नहीं मिल पाया था। नगर निगम के प्रवर्तन विभाग ने 21 करोड़ रुपये पूरे साल में जुर्माने और कार्रवाई में जमा कराए।

विस्तार

31 मार्च को खत्म हुए वित्तीय वर्ष 2021-22 में कोरोना की दूसरी और तीसरी लहर के बाद भी खूब टैक्स जमा हुआ। आगरा में आयकर, जीएसटी, हाउस टैक्स, वाटर टैक्स में कुल 4200 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में जमा कराए गए। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 31 मार्च को अपना टैक्स जमा कराने वालों की सभी विभागों में भीड़ लगी रही। आखिरी दिन आयकर विभाग की वेबसाइट रिटर्न दाखिल करने के दौरान कई बार बंद हुई तो यही हाल नगर निगम की वेबसाइट और जीएसटी की वेबसाइट का रहा। टैक्स जमा करने के लिए लोग काउंटर पर लंबी लंबी कतारों में लगे।

तीन माह से जीएसटी का कलेक्शन रिकार्ड तोड़ होने का असर मार्च में भी नजर आया। पूरे साल आगरा कमिश्नरेट कार्यालय पर सेंट्रल जीएसटी 1250 करोड़ रुपये जमा किया गया, जबकि स्टेट जीएसटी 31 मार्च तक 1795 करोड़ रुपये जमा किया गया। बीते साल के मुकाबले यह 20 फीसदी से ज्यादा है। जीएसटी के साथ ही आयकर का लक्ष्य भी पूरा हो गया।

आगरा आयकर कार्यालय में 1000 करोड़ रुपये आयकर जमा किया गया। कोरोना काल में लॉकडाउन और फैक्टरियों में उत्पादन में आई कमी के बाद भी आयकर और जीएसटी ने लक्ष्य पूरे किए। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त जयंत मिश्रा ने बताया कि आगरा आयकर कार्यालय ने अपना लक्ष्य पूरा कर लिया है। रिटर्न के अंतिम आंकड़े आने बाकी हैं। तब स्थिति और स्पष्ट हो पाएगी।

आंकड़े 

1795 करोड़ रुपये जमा हुआ स्टेट जीएसटी

1250 करोड़ रुपये जमा हुआ सीजीएसटी

1000 करोड़ के पार हुआ आयकर संग्रह

70 करोड़ रुपये गृहकर जमा हुआ

60 करोड़ रुपये हुए वाटर टैक्स में जमा

21 करोड़ रुपये प्रवर्तन ने जमा कराए

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