आंखों, पैरों का अधिक फड़कना हो सकता है कैंसर का चेतावनी संकेत, इन लक्षणों पर करें गौर

जानलेवा बीमारी कैंसर ब्लड, हड्डियों, फेफड़ों या लिवर सहित मानव शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है. कैंसर की ये विशेषता है कि इसके एब्नॉर्मल सेल्स अनियंत्रित रूप से बढ़ते हैं, जो शरीर में कहीं भी फैल सकते है. जो बात इस बीमारी को लेकर दहशत फैलाती है, वो ये है कि कई बार इसके लक्षण ट्यूमर के मूल स्थान से संबंधित नहीं होते हैं.

कभी-कभी घातक कैंसर सेल्स अनियंत्रित रूप से फैलते हैं और उन टिशूज और क्षेत्रों पर आक्रमण करते हैं, जहां नर्व्स केंद्रित होती हैं. इससे रोगी को ऐंठन, मरोड़ या फड़कन होती है. मांसपेशियों में फड़कन (Twitching) अनैच्छिक (अपने आप होने वाला) संकुचन है, जो अत्यधिक कैफीन के सेवन का परिणाम हो सकता है.

क्या कहते हैं जानकार
हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार, मांसपेशियों का फड़कना भी कुछ प्रकार के कैंसर का एक खतरनाक संकेत हो सकता है. ओलियोलुसियो डॉट कॉम (oliolusso.com) की एमडी मोनिका वासरमैन (Monika Wassermann) के अनुसार, ब्रेन ट्यूमर, ब्रेन के न्यूरॉन्स में उत्तेजना पैदा कर सकता है और ये झुनझुनी या फड़कन का कारण बन सकता है.

आंखों-पैरों के फड़कने का खतरा
जब ब्रेन स्टेम, ओसीपिटल लोब या टेम्पोरल लोब (occipital lobe and temporal lobe) में ट्यूमर विकसित हो जाता है, तो व्यक्ति को धुंधला या दोहरा दिखाई देने लगता है या फिर वो आंख फड़कने का अनुभव कर सकता है. विशेषज्ञ का सुझाव है कि कैंसर से आंखों और पैरों के फड़कने का खतरा अधिक होता है.

मेनिंगिओमा
मेनिंगिओमा (Meningioma) एक प्रकार का कैंसर है, जो नर्व सिस्टम के आसपास केंद्रित होता है. यहां, लक्षण तब होते हैं, जब ट्यूमर ब्रेन या रीढ़ की हड्डी के विरुद्ध दबाव बनाता है, जिससे ब्रेन के एक विशिष्ट हिस्से की सामान्य कार्यप्रणाली प्रभावित होती है.

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मेनिंगियोमा के लक्षणों में मोटर दौरे (motor seizures) शामिल हैं, ये मिर्गी के दौरे का रूप है. इसमें मांसपेशियां अचानक से हिलने लगती हैं. उनमें झटके महसूस होते हैं. मतलब एक व्यक्ति मांसपेशियों के अचानक और अनैच्छिक मूवमेंट देखा जा सकता है. जब ट्यूमर ब्रेन के चार में से तीन लोब (टेम्पोरल लोब, पैरिटल लोब या फ्रंटल लोब) में फैल जाता है, तो ये व्यक्ति में बोलने की समस्या भी पैदा कर सकता है.

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फ्रंटल लोब
फ्रंटल लोब (frontal lobe) मानव ब्रेन का सबसे बड़ा लोब होता है. ये वो हिस्सा है जो निर्णय लेने, एकाग्रता, समस्या को सुलझाने और सोचने के स्पीड फंक्शंस से जुड़ा है. जब रीढ़ की हड्डी प्रभावित होती है, तो आमतौर पर मांसपेशियों में समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जो ज्यादातर टखने और पैर के एरिया में कस जाती हैं.

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